जयपुर। सरकार और सेवारत चिकित्सकों ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को आउटडोर शुरू होते ही दो घंटे के लिए मझधार में छोड़ दिया है। हालात ऐसे हैं कि मरीज इलाज की आस में प्रदेश के जिला अस्पतालों में आउटडोर खुलते ही इलाज की आस में कतारों में लग जाते हैं लेकिन यह सुन कर मायूस हो जाते हैं कि उनका इलाज दो घंटे बाद ही शुरू होगा। चिकित्सक नेताओं के तबादले पर सेवारत चिकित्सक जहां फिर आंदोलन की राह पर हैं तो चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ सेवारत चिकित्सकों पर सख्ती के मूड में है। उधर, चिकित्सक नेताओं के तबादलों के बाद आज सेवारत चिकित्सक संघ के पदाधिकारी दोपहर बाद बैठक कर फिर से आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। बहिष्कार के दौरान न तो चिकित्सक मरीजों को देखते हैं और न ही लैब में जांच का काम शुरू हो
पाता है।