
Jaipur Ecological Zone : इकोलोजिकल क्षेत्र में बसी आबादी और राजस्व ग्राम के लिए वहां शैक्षणिक, चिकित्सा एवं अन्य जनउपयोगी गतिविधि हो सकेगी। सरकार ने ऐसे इकोलोजिकल भूउपयोग में जनउपयोगी गतिविधियों की भी अनुमति दे दी है। इसमें कुल भूमि के 20 प्रतिशत हिस्से पर ही निर्माण किया जा सकेगा और बाकी 80 प्रतिशत हिस्से में से पचास फीसदी में सघन पौधारोपण करना अनिवार्य होगा। अधिकतम तीन मंजिला निर्माण की अनुमति दी गई है।
नगरीय विकास विभाग ने जयपुर में इसकी अनुमति के आदेश जारी कर दिए। हालांकि, यह अनुमति मास्टर प्लान 2011 में शामिल इकोलोजिकल एरिया में बसी ग्रामीण आबादी के लिए ही लागू होगा।
जब सुविधाएं पहुंचती हैं तो वहां नए निर्माण और आबादी बढ़ती है। ऐसे में क्षेत्र में नए निर्माण की आशंका भी बनेगी। इसे रोकने के लिए जेडीए, नगरीय निकाय के पास प्रभावी मैकेनिज्म नहीं है।
Updated on:
18 Jan 2025 12:53 pm
Published on:
18 Jan 2025 12:53 pm
