
jaipur nagar nigam patrika photo
जयपुर। जयपुर में मेयर चुनाव के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब कांग्रेस विधायक रफीक खान को पुलिसकर्मियों ने नगर निगम मुख्यालय के अंदर जाने से रोक दिया। इसके विरोध में विधायक खान अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सांसद मंजू शर्मा और अन्य भाजपा नेता अंदर जा सकते हैं, तो उन्हें क्यों रोका गया। खान ने प्रशासन पर भेदभाव और मिलीभगत के आरोप लगाए।
राजस्थान के तीन बड़े नगर निगमों—जयपुर, जोधपुर और कोटा—में महापौर चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हो गया। पार्षद दोपहर 2 बजे तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसके बाद मतगणना होगी और तीनों शहरों को नया महापौर मिलेगा। वहीं, सुकेत नगर पालिका में पहली बार अध्यक्ष का चुनाव होने से यहां भी राजनीतिक हलचल तेज है।
जयपुर नगर निगम में महापौर पद के लिए भाजपा के सुनील कोठारी और कांग्रेस की सुनीता मावर के बीच मुकाबला है। 150 सदस्यीय सदन में भाजपा के 78, कांग्रेस के 57 और 15 निर्दलीय पार्षद हैं। बहुमत के लिए 76 वोट जरूरी हैं। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में बहुमत का आंकड़ा पहले से ही पूरा दिखाई दे रहा है, हालांकि चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी चर्चा में है।
मतदान से पहले भाजपा और कांग्रेस के पार्षद नगर निगम मुख्यालय पहुंचने लगे। भाजपा पार्षदों को बसों के जरिए निगम मुख्यालय लाया गया। विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, सांगानेर और बगरू क्षेत्र के पार्षदों की बसें एक के बाद एक पहुंचीं। कई पार्षद पारंपरिक पगड़ी पहनकर पहुंचे।
पूर्व जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी सुनील कोठारी को जीत की अग्रिम बधाई दी। दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी अपने पार्षदों को एकजुट रखने की कवायद की है। मतदान और मतगणना के दौरान निगम मुख्यालय के आसपास सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं।
जोधपुर और कोटा में भी महापौर पद के लिए मतदान जारी है। तीनों नगर निगमों के परिणाम सामने आने के बाद प्रदेश की शहरी राजनीति में नए समीकरणों की तस्वीर साफ होगी। वहीं कोटा जिले की 25 वार्ड वाली सुकेत नगर पालिका में पहली बार अध्यक्ष चुना जाएगा।
Updated on:
25 Sept 2026 12:53 pm
Published on:
25 Sept 2026 12:53 pm
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