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पितृपक्ष 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर तक चलेगा। प्रयागराज संगम और गया जी में लाखों श्रद्धालु तर्पण-पिंडदान के लिए पहुंचेंगे। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि देश-विदेश में रहने वाले लोग अब घर बैठे ऑनलाइन पिंडदान करा सकेंगे। देश के अलग-अलग हिस्सों समेत अमरीका और दूसरे देशों से भी बुकिंग शुरू हो चुकी है। राजस्थान के प्रवासी भी इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। प्रयागराज और गया जी में ई-पिंडदान की व्यवस्था की गई है। लाेग वीडियो कॉल से कर्मकांड करा सकेंगे। पुरोहित उन्हें ऑनलाइन कर्मकांड कराएंगे।
प्रयागराज में तीर्थ पुरोहितों ने विदेश में बसे परिवारों के लिए वीडियो कॉल के जरिए पिंडदान की सुविधा शुरू की है। अमरीका में रहने वाला एक श्रद्धालु 28 सितंबर को ऑनलाइन माध्यम से संगम पर पिंडदान कराएगा। पुरोहित नाम-गोत्र लेकर अनुष्ठान पूरा करेंगे और लाइव वीडियो भेजेंगे। गया जी में भी बिहार पर्यटन ने ई-पिंडदान पैकेज जारी किए हैं। जो लोग यात्रा नहीं कर सकते, वे घर बैठे अपने पितरों का श्राद्ध पूरा कर सकते हैं।
राजस्थान से बड़ी संख्या में लोग अमरीका, कनाडा, ब्रिटेन, दुबई और ऑस्ट्रेलिया में बस चुके हैं। पितृपक्ष में वे अक्सर भारत नहीं आ पाते। अब वे ऑनलाइन बुकिंग करके प्रयागराज या गया में पिंडदान करवा सकते हैं। जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और बीकानेर के कई परिवार पहले से ही इस सुविधा की जानकारी ले रहे हैं। स्थानीय मंदिरों और पंडितों के अलावा तीर्थ पुरोहितों से संपर्क कर बुकिंग की जा सकती है। राजस्थान में भी कई स्थानों पर तर्पण और श्राद्ध की व्यवस्था हो रही है।
पितृपक्ष में पीले कपड़े पहनने की परंपरा बताई गई है। पुरोहितों के अनुसार पीला रंग पितरों को प्रसन्न करता है और शुभ माना जाता है। प्रयागराज में पितृ पैकेज भी उपलब्ध हैं, जिनमें ठहरने, भोजन और पुरोहित की व्यवस्था शामिल है। राजस्थान के श्रद्धालु चाहें तो खुद जाकर अनुष्ठान कर सकते हैं या विदेश बैठे ऑनलाइन सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। बुकिंग पहले से शुरू हो चुकी है, इसलिए जल्दी संपर्क करना बेहतर रहेगा। पितृपक्ष पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का पर्व है। चाहे घर बैठे हो या तीर्थ पर, सही विधि से श्राद्ध करने से पितर तृप्त होते हैं।
Updated on:
25 Sept 2026 11:15 am
Published on:
25 Sept 2026 11:12 am
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