इस मॉडल के तहत कुल लागत का 20% केंद्र सरकार, 20% राज्य सरकार और 60% लोन मिलेगा। मेट्रो में यह पहली बार होगा कि केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग मिलेगा। मेट्रो की बोर्ड बैठक में जो प्रस्ताव तैयार किया गया है यह राज्य सरकार को भेजा जाएगा और राज्य सरकार इस प्रस्ताव को केंद्र को भेजेगी।