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Jaipur Murder: डीएनए टेस्ट से खुलेगा ‘लेडी डॉन’ की मौत का राज, बेटा बोला- ‘मां से नफरत थी मुझे’, सूखे कुएं में फेंका

पुलिस के मुताबिक पति और बेटे ने महिला की हत्या के बाद शव को कंबल में लपेटकर सूखे कुएं में फेंक दिया था। परिजनों को गुमराह करने के लिए कभी तिहाड़ तो कभी भरतपुर जेल में बंद होने की कहानी बताई गई। कुएं से शव बरामद होने के बाद अब डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
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जयपुर

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Kamal Mishra

Sep 24, 2026

mintu chaudhary

Jaipur: मिंटू चौधरी उर्फ 'लेडी डॉन' (फाइल फोटो-पत्रिका)

जयपुर। मुहाना थाना क्षेत्र में करीब 15 महीने पहले हुई महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार पारिवारिक विवाद और महिला के चरित्र पर शक के चलते पति और बेटे ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को कंबल में लपेटकर ऑटो से अचरावाला गांव के बाहर सुनसान इलाके में स्थित सूखे कुएं में फेंक दिया गया। पुलिस ने आरोपी पति लालाराम चौधरी (42) और बेटे हरिओम चौधरी (20) को गिरफ्तार किया है। कुएं से बरामद शव की पहचान की पुष्टि के लिए अब डीएनए जांच कराई जाएगी।

डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि 21 जुलाई 2025 को हरिओम चौधरी ने मुहाना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी मां मिंटू चौधरी उर्फ सीमा चौधरी 27 मई 2025 से लापता है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने परिजनों को गुमराह करने के लिए पहले मिंटू के तिहाड़ जेल में बंद होने की बात कही। बाद में बताया कि उसे भरतपुर जेल में रखा गया है। मिंटू की बहन ने जब दोनों जेलों में संपर्क किया तो वहां उसके बंद होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी।

पूछताछ में खुला हत्या का राज

बुधवार को जिला विशेष टीम को मामले में महत्वपूर्ण सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने लालाराम और हरिओम से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों ने मिंटू की हत्या करने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर अचरावाला गांव के बाहर एक सूखे कुएं से महिला का सड़ा-गला शव बरामद किया गया। हालांकि आरोपियों के कबूलनामे के बावजूद बरामद शव मिंटू का ही है या नहीं, इसकी पुख्ता पुष्टि डीएनए जांच के बाद होगी।

बेटे ने कहा- बचपन से करता था नफरत

थानाधिकारी मुकेश खारडिया के अनुसार पूछताछ में हरिओम ने बताया कि उसकी मां बचपन से उसके साथ मारपीट करती थी। इससे वह मानसिक रूप से परेशान था और मां से नफरत करने लगा था। वहीं, पति लालाराम को मिंटू के चरित्र पर संदेह था। पुलिस के अनुसार इन्हीं पारिवारिक विवादों और शक के चलते दोनों ने मिलकर उसकी हत्या की।

मिंटू पर दर्ज थे कई आपराधिक मामले

पुलिस के मुताबिक मिंटू का वास्तविक नाम सीमा चौधरी था। वह जयपुर में ऑटो चलाती थी और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज थे। शहर में वह 'लेडी डॉन' के नाम से जानी जाती थी। पुलिस के अनुसार वर्ष 2009 से 2025 के बीच उसके खिलाफ 11 से अधिक मामले दर्ज हुए। इनमें ज्यादातर मामले 2010 से 2015 के बीच के बताए गए हैं। उसके पति लालाराम के खिलाफ भी दो मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

15 साल की उम्र से चलाने लगी थी ऑटो

मिंटू मूल रूप से टोंक जिले के मालपुरा की रहने वाली थी। उसके माता-पिता मजदूरी करते थे। बचपन में मां की मौत के बाद पिता उसे लेकर जयपुर के पास मदरामपुरा गांव आ गए थे। पिता के मजदूरी के लिए अक्सर बाहर रहने के कारण उसकी परवरिश मुश्किल परिस्थितियों में हुई। पुलिस के अनुसार मिंटू ने करीब 15 साल की उम्र से ऑटो चलाना शुरू कर दिया था। वर्ष 2009 में उसके खिलाफ पहला मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद अगले वर्षों में उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए।