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Artificial Rain : देश में पहली बार जयपुर के रामगढ़ बांध पर आज होगी कृत्रिम बारिश, जनता में जबरदस्त उत्साह

Artificial Rain in Jaipur : आखिरकार इंतजार खत्म। गुलाबीनगर जयपुर में आज दोपहर दो बजे रामगढ़ बांध क्षेत्र में कृत्रिम बारिश होगी। बस करें थोड़ा इंतजार। लोगों में इसे देखने की उत्सुकता बरकरार है।
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जयपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 12 Aug 2025, 9:07 AM IST

Jaipur Ramgarh dam artificial rain today first time in country people are extremely enthusiastic

Drone preparation. File photo - Patrika

Artificial Rain in Jaipur : गुलाबीनगर जयपुर के लिए पानी का प्रमुख स्रोत रहे रामगढ़ बांध पर कृत्रिम बारिश का इंतजार खत्म होने वाला है। कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना मंगलवार दोपहर दो बजे बांध क्षेत्र में कृत्रिम बारिश का मिशन लॉन्च करेंगे। 15 दिन तक बारिश के लिए ड्रोन की उड़ान का ट्रायल होगा और उसके बाद 2 माह तक बांध क्षेत्र में हर दिन 2 बार कृत्रिम बरसात करवाई जाएगी। रामगढ़ बांध क्षेत्र में यह मिशन एक निजी कंपनी की ओर से लॉन्च किया जा रहा है। पहले प्रक्रिया 31 जुलाई से शुरू होनी थी, लेकिन भारी बारिश की चेतावनी के कारण स्थगित कर दी गई।

ट्रायल करीब दो माह चलेगा

रामगढ़ बांध पर मंगलवार को ड्रोन से कृत्रिम बारिश करवाई जाएगी। फिर करीब 60 प्रयोग होंगे। यह ट्रायल करीब दो माह चलेगा। कंपनी सारे प्रयोग अपने खर्च पर करेगी। कंपनी प्रयोग के सारे डेटा राजस्थान सरकार के संग शेयर करेगी।

इन से मिली है मंजूरी

केंद्र और राज्य सरकार के विभागों व एजेंसियों से ड्रोन से कृत्रिम बारिश के लिए मंजूरी मिल चुकी है। कृषि विभाग पहले ही मंजूरी दे चुका था। मौसम विभाग, जिला प्रशासन भी जुलाई में मंजूरी दे चुके हैं। ड्रोन से प्रयोग के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन की भी मंजूरी मिल चुकी है।

पहले 31 जुलाई थी डेट

रामगढ़ बांध पर कृत्रिम बारिश के लिए यह कार्यक्रम कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तथा अमरीकी कंपनी एक्सल-1 के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। पहले यह प्रक्रिया 31 जुलाई को शुरू होनी थी, लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्रालय से 10 हजार फीट की ऊंचाई तक ड्रोन उड़ाने की अनुमति (एनओसी) न मिलने के कारण इसमें देरी हुई।

बादलों की पर्याप्त उपस्थिति जरूरी - मौसम वैज्ञानिक

एक्सल-1 के मौसम वैज्ञानिक शशांक शर्मा के अनुसार यदि अगस्त-सितंबर में बादलों की पर्याप्त उपस्थिति नहीं रही तो कृत्रिम बारिश संभव नहीं हो सकेगी। बारिश कराने के लिए भारतीय ड्रोन का ही उपयोग किया जाएगा।

जनता उत्साहित, सोशल मीडिया, लोकगीत और रील्स से हो रहा प्रचार

इस कार्यक्रम के प्रति जनता और राजनीतिक दलों में भी भारी उत्साह है। कृत्रिम बरसात को लेकर सोशल मीडिया पर भी उत्साह देखा जा रहा है। लोकगीतों और रील्स के माध्यम से इस पहल का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिससे लोगों में जागरूकता और रुचि बढ़ रही है।