
Drone preparation. File photo - Patrika
Artificial Rain in Jaipur : गुलाबीनगर जयपुर के लिए पानी का प्रमुख स्रोत रहे रामगढ़ बांध पर कृत्रिम बारिश का इंतजार खत्म होने वाला है। कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना मंगलवार दोपहर दो बजे बांध क्षेत्र में कृत्रिम बारिश का मिशन लॉन्च करेंगे। 15 दिन तक बारिश के लिए ड्रोन की उड़ान का ट्रायल होगा और उसके बाद 2 माह तक बांध क्षेत्र में हर दिन 2 बार कृत्रिम बरसात करवाई जाएगी। रामगढ़ बांध क्षेत्र में यह मिशन एक निजी कंपनी की ओर से लॉन्च किया जा रहा है। पहले प्रक्रिया 31 जुलाई से शुरू होनी थी, लेकिन भारी बारिश की चेतावनी के कारण स्थगित कर दी गई।
रामगढ़ बांध पर मंगलवार को ड्रोन से कृत्रिम बारिश करवाई जाएगी। फिर करीब 60 प्रयोग होंगे। यह ट्रायल करीब दो माह चलेगा। कंपनी सारे प्रयोग अपने खर्च पर करेगी। कंपनी प्रयोग के सारे डेटा राजस्थान सरकार के संग शेयर करेगी।
केंद्र और राज्य सरकार के विभागों व एजेंसियों से ड्रोन से कृत्रिम बारिश के लिए मंजूरी मिल चुकी है। कृषि विभाग पहले ही मंजूरी दे चुका था। मौसम विभाग, जिला प्रशासन भी जुलाई में मंजूरी दे चुके हैं। ड्रोन से प्रयोग के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन की भी मंजूरी मिल चुकी है।
रामगढ़ बांध पर कृत्रिम बारिश के लिए यह कार्यक्रम कृषि एवं उद्यानिकी विभाग तथा अमरीकी कंपनी एक्सल-1 के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। पहले यह प्रक्रिया 31 जुलाई को शुरू होनी थी, लेकिन नागरिक उड्डयन मंत्रालय से 10 हजार फीट की ऊंचाई तक ड्रोन उड़ाने की अनुमति (एनओसी) न मिलने के कारण इसमें देरी हुई।
एक्सल-1 के मौसम वैज्ञानिक शशांक शर्मा के अनुसार यदि अगस्त-सितंबर में बादलों की पर्याप्त उपस्थिति नहीं रही तो कृत्रिम बारिश संभव नहीं हो सकेगी। बारिश कराने के लिए भारतीय ड्रोन का ही उपयोग किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के प्रति जनता और राजनीतिक दलों में भी भारी उत्साह है। कृत्रिम बरसात को लेकर सोशल मीडिया पर भी उत्साह देखा जा रहा है। लोकगीतों और रील्स के माध्यम से इस पहल का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, जिससे लोगों में जागरूकता और रुचि बढ़ रही है।
Updated on:
12 Aug 2025, 9:07 AM IST
Published on:
12 Aug 2025, 8:21 AM IST
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