
डिग्गी कल्याणधणी पदयात्रा को लेकर जयपुर में ट्रैफिक डायवर्जन (पत्रिका फाइल फोटो)
Diggi Kalyan Dham Padyatra: जयपुर में चौड़ा रास्ता से मंगलवार सुबह डिग्गी के लिए रवाना हुई पदयात्रा के दौरान यातायात के सुगम संचालन के लिए ट्रैफिक पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है। पदयात्रा के दौरान आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन किया जा सकता है। जेएलएन मार्ग और टोंक रोड पर सभी प्रकार के वाहनों की पार्किंग निषेध है।
यादगार तिराहे से सांगानेर: रामबाग चौराहा से जेडीए चौराहे, टोंक फाटक पुलिया से बजाज नगर थाने के सामने से बजाज नगर तिराहा, गोपालपुरा पुलिया से ओटीएस चौराहा, दुर्गापुरा से एसएल कट और पुराना बाईपास क्लोवर लीफ से जवाहर सर्किल की तरफ जा सकेंगे।
जवाहरलाल नेहरू मार्ग: आरोग्य पथ तिराहा से सूचना केंद्र, त्रिमूर्ति सर्किल से गोविंद मार्ग, जेडीए चौराहा से शांति पथ, गांधी सर्किल से झालाना बाईपास, ओटीएस चौराहा से केवी-03 तिराहा तथा जवाहर सर्किल से हनुमान तिराहा की तरफ जा सकेंगे।
सांगानेर से यादगार तिराहा: पुराना बाईपास क्लोवर लीफ से प्रधान वाटिका, न्यू सांगानेर रोड, दुर्गापुरा से डालडा फैक्ट्री, गोपालपुरा पुलिया से गोपालपुरा बाईपास, लक्ष्मी मंदिर तिराहा से सहकार मार्ग तथा रामबाग चौराहा से अंबेडकर सर्किल की तरफ जा सकेंगे। मुहाना मंडी से डिग्गी मालपुरा रोड यातायात को आने वाले आवश्यकतानुसार मुहाना मंडी से डायवर्ट कर मुहाना गांव से रिंग रोड की तरफ संचालित किया जाएगा।
डिग्गी मालपुरा से आने वाले यातायात को रिंग रोड के नीचे से डायवर्ट कर रिंग रोड पर संचालित किया जाएगा। टोंक से आने वाले यातायात को इंडिया गेट, टोंक रोड, रिको सर्किल, अक्षय पात्र, 7 नंबर बस स्टैंड से जगतपुरा होते हुए निकाला जाएगा। प्रधान वाटिका से चौरड़िया पेट्रोल पंप जाने वाले यातायात को प्रधान वाटिका से डायवर्ट कर समानांतर मार्गों से निकाला जाएगा।
चौरड़िया पेट्रोल पंप से सांगानेर पुलिया जाने वाले यातायात को पेट्रोल पंप से प्रधान वाटिका, न्यू सांगानेर रोड की तरफ डायवर्ट कर समानांतर मार्गों से निकाला जाएगा। टोंक रोड पर संचालित होने वाली सिटी-मिनी बसें नारायण सिंह तिराहा, टोंक रोड से त्रिमूर्ति सर्किल, जवाहरलाल नेहरू मार्ग, जवाहर सर्किल, तारों की कुंट से आवश्यकतानुसार संचालित की जाएंगी।
सिंधी कैंप से टोंक रोड जाने वाली बसें गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा से सोडाला, 200 फीट चौराहा, अजमेर रोड, रिंग रोड से रिंग रोड टोंक से संचालित की जाएंगी। सिंधी कैंप आने वाली बसें गणेश तिराहा, टोंक रोड से महात्मा गांधी रोड, महल रोड, हनुमान तिराहा, एपेक्स सर्कल, जवाहर नगर बाईपास, जेडीए चौराहा, त्रिमूर्ति सर्कल, नारायण सिंह तिराहा, पृथ्वीराज टी-पॉइंट, चौमूं हाउस चौराहा, गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा से सिंधी कैंप आ सकेंगी।
राजधानी जयपुर की सड़कों पर मंगलवार को आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। चौड़ा रास्ता स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर से डिग्गी स्थित कल्याणजी के लिए 61वीं लक्खी पदयात्रा सुबह 9 बजे कल्याणधणी के जयकारों और बैंड-बाजे की मधुर धुनों के साथ पूरे विधि-विधान से रवाना हुई। यात्रा के रवाना होते ही मुख्य मार्ग श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्तिमय माहौल से सराबोर हो उठे।
पदयात्रा संघ के अध्यक्ष श्रीजी शर्मा ने बताया कि यात्रा की शुरुआत से पूर्व मुख्य केसरिया निशान ध्वज की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद मंच पर उपस्थित संत-महंतों, जनप्रतिनिधियों और जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्यों ने ध्वज फहराकर पदयात्रा को गंतव्य के लिए रवाना किया। पदयात्रा के दौरान भगवान शिव-पार्वती और राधा-कृष्ण की मनमोहक सजीव झांकियां श्रद्धालुओं के मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
इस वर्ष मुख्य यात्रा में 600 से अधिक छोटी-बड़ी पदयात्राओं के साथ करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान जताया जा रहा है। 61 साल पहले महज 30-35 श्रद्धालुओं से शुरू हुई यह ऐतिहासिक पदयात्रा आज विशाल रूप ले चुकी है। यात्रा में शामिल होने के लिए सोमवार रात से ही गोविंद देवजी मंदिर सहित शहर के अन्य स्थानों पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा शुरू हो गया था।
चौड़ा रास्ता से सांगानेर तक के मार्ग में श्रद्धालुओं की सेवा के लिए 500 से अधिक भंडारे लगाए गए हैं। इन भंडारों में श्रद्धालुओं के लिए पूड़ी-सब्जी और समोसे के साथ-साथ डोसा, पावभाजी, छोले-भटूरे, बर्गर, आइसक्रीम और फल परोसे जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी भंडारों को प्लास्टिक-मुक्त रखने की विशेष व्यवस्था की गई है।
यह पदयात्रा 5 दिनों का सफर तय कर 22 अगस्त को डिग्गी पहुंचेगी। मार्ग के दौरान 18 अगस्त को मदरामपुरा में रात्रि विश्राम, 19 अगस्त को हरसूलिया में विश्राम, 20 अगस्त को फागी में रुकना और 21 अगस्त को चौसला में विश्राम के बाद 22 अगस्त को डिग्गी प्रवेश। मार्ग में हर रात भजन संध्या और सत्संग के कार्यक्रम आयोजित होंगे। 22 अगस्त को डिग्गी में शाम 5 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।
पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. हर्षिल अलवानी ने लंबी पदयात्रा के दौरान पर्याप्त पानी पीने, नियमित दवाएं साथ रखने और स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी है। पदयात्रा के उस ऐतिहासिक प्रसंग को भी याद किया गया, जब वर्ष 1981 में मासी और बांडी नदियों के उफान पर होने के बावजूद बाढ़ के तेज बहाव से प्रशासन ने 8 श्रद्धालुओं को बचाया था और यात्रा को रुकने नहीं दिया था।
Updated on:
18 Aug 2026 08:50 am
Published on:
18 Aug 2026 08:50 am
