
jodhpur police : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। फाइल फोटो पत्रिका
Ashok Gehlot : Ashok Gehlot : जोधपुर में मारपीट के आरोपी युवक को जब पकड़ने पुलिस से गई तो युवक ने घबराकर मकान की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी। जिससे उसकी मौत हो गई थी। मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि जोधपुर के उदय मंदिर आसन क्षेत्र में पुलिस की दबिश के दौरान एक युवक की मृत्यु का मामला अत्यंत दुखद और गंभीर है। अशोक गहलोत ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति थी कि छह-सात साल पुराने मामूली से मुकदमे में ऐसी दहशत बनाकर दबिश दी गयी, जबकि मृतक कोई गंभीर अपराधी नहीं था।
कांग्रेस दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने कहा कि पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी ही नहीं थी, तो फिर सवाल उठता है कि आखिर पुलिस वहां क्यों गई और यदि गई भी तो घर में मौजूद महिलाओं सहित परिजनों से बदसलूकी क्यों की गयी। पुलिस की इस दहशतभरी कार्रवाई से यह हादसा हो गया, जिससे उसकी जान चली गयी।
अशोक गहलोत ने आगे कहा कि परिजनों एवं स्थानीय लोगों द्वारा भी पुलिस की कार्यशैली और प्रताड़ना को लेकर गंभीर सवाल उठाये जा रहे हैं, ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होना आवश्यक है, जिससे दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई एवं पीड़ित परिजनों के साथ न्याय सुनिश्चित हो सके।
अशोक गहलोत ने ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन से इस घटना के संबंध में बात की है। पीड़ित के परिजन दोषियों पर कार्रवाई, मुआवजा एवं नौकरी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पीड़ित परिवार की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए।
जानकारी के अनुसार जोधपुर के उदयमंदिर के आसन में सद्दाम (29 वर्ष) पुत्र खलील अहमद मारपीट के एक मामले में फरार चल रहा था। पुलिस को मुखबिर से उसके घर पर होने की सूचना मिली। नागौरी गेट थाने के 2 कांस्टेबल और चेतक ने सद्दाम के घर दबिश दी। पुलिस को देखकर वह घर की छत पर चढ़ गया। तीसरी मंजिल से गिरकर बिजली के तारों में उलझकर नीचे गिया गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। जोधपुर के अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने पुलिस जीप में तोड़फोड़ कर दी और एक कांस्टेबल रायचंद को पीट दिया। कांस्टेबल के भी चोटें आई है। उसका सेटेलाइट अस्पताल में उपचार चल रहा।
मामले को लेकर गुरुवार को दूसरे दिन भी परिजनों का धरना जारी है। परिजन और समाज के लोग महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मार्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे हैं। शव उठाने से इनकार कर दिया। परिजनों की मांग है कि 1 करोड़ रुपए का मुआवजा, सरकारी नौकरी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
Updated on:
01 Oct 2026 04:04 pm
Published on:
01 Oct 2026 03:55 pm
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