
जयपुर। Kartik Snan 2019: दान-पुण्य, स्नान और दीपदान के लिए 12 महीनों में बेहतर माने जाने वाले कार्तिक मास की शुरुआत सोमवार को एकम से होगी। वहीं, रविवार को शरद पूर्णिमा के साथ पवित्र सरोवरों व तीर्थ स्थानों पर ब्रह्म मुहूर्त में कार्तिक स्नान का आगाज होगा। शहर आराध्य गोविंददेव जी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूरे कार्तिक माह दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की मंगला झांकी में अधिक भीड़ रहेगी।
पूर्णिमा के मौके पर चंद्रमा की शीतल चांदनी में रखी खीर रविवार रात और अगले दिन भक्तों को वितरित की जाएगी। लोगों के खान-पान और पहनावे में बदलाव आएगा। इस माह में 8 नवंबर को जहां देवउठनी एकादशी पर देव जागेंगे, वहीं 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा तक कई प्रमुख व्रत व त्योहार भी आएंगे। गलता तीर्थ व पुष्कर सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर पूरे महीने श्रद्धालुओं की रौनक रहेगी।
गोविंद देव जी मंदिर में रविवार से झांकियों के समय में भी बदलाव होगा। मंदिर प्रबंधक मानस गोस्वामी ने बताया कि मंगला झांकी सुबह 4.30 से 5.45 तक रहेगी। धूप झांकी सुबह 8.१5 से 9.30 बजे तक, श्रृंगार झांकी सुबह 10 से 10.45 बजे तक, राजभोग झांकी 11.15 से 11.45 बजे तक, ग्वाल झांकी शाम 5.30 से से 6 बजे तक, संध्या झांकी शाम 6. 30 से 7.45 बजे तक, शयन झांकी रात्रि 8.45 से 9.15 तक रहेगी।
दीपदान का विशेष महत्व
ज्योतिषाचार्य पं.पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि कार्तिक मास में हरिनाम चिंतन, भजन, कीर्तन,दीपदान विष्णुसहस्त्रनाम और श्रीमद्भागवत का पाठ करना श्रेष्ठदायी है। वहीं ऋतु चक्र के आधार पर भी इस माह का महत्व है क्योंकि कार्तिक मास से लोगों का खान-पान और पहनावा बदलेगा।
कब—कब त्योहार
करवाचौथ 17 अक्टूबर
अहोई अष्टमी 21 अक्टूबर
रमा एकादशी व्रत 24 अक्टूबर
धनतेरस 25 अक्टूबर
दीपावली 27 अक्टूबर
गोवर्धन पूजा 28 अक्टूबर
भाईदूज 29 अक्टूबर
Updated on:
13 Oct 2019, 8:21 AM IST
Published on:
13 Oct 2019, 8:19 AM IST
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