
Kesar Dev Marwari Death (Patrika Photo)
Kesar Dev Marwari: नागौर: राजस्थानी हास्य कविता के पर्याय और अपनी अनूठी शैली से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले केसरदेव मारवाड़ी (केसरीमल प्रजापत) अब हमारे बीच नहीं रहे। जयपुर लौटते समय रींगस के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे ने इस महान कलाकार को हमसे छीन लिया। वे न केवल एक सरकारी शिक्षक थे, बल्कि मारवाड़ी संस्कृति के सच्चे संवाहक भी थे।
अपने निधन से कुछ ही समय पूर्व उन्होंने 'राजस्थान पत्रिका' के साथ एक विशेष साक्षात्कार साझा किया था, जिसमें उन्होंने आधुनिक जीवन, तनाव और अपनी माटी के प्रति अगाध प्रेम पर खुलकर बात की थी।
हादसा देर रात करीब 2 बजे हुआ, जब केसरदेव मारवाड़ी एक शादी समारोह में भाग लेकर अपनी पत्नी चंदा प्रजापत के साथ कार से जयपुर लौट रहे थे। रींगस के मिल तिराहे पर उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में जा घुसी।
टक्कर इतनी भयानक थी कि केसरदेव मारवाड़ी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी को मामूली चोटें आईं। इस खबर के फैलते ही साहित्य जगत और शिक्षा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
अपने अंतिम साक्षात्कार में केसरदेव ने बड़े ही दार्शनिक और व्यावहारिक ढंग से समाज की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण किया था।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वर्तमान में तनाव बढ़ा है, तो उन्होंने बड़ी ही संजीदगी से कहा, हां, तनाव बढ़ा है, लेकिन उसे दूर करने के साधन भी बढ़े हैं। उन्होंने समझाया कि आज की दुनिया पूरी तरह आर्थिक आधार पर केंद्रित हो गई है।
पहले तनाव का बंटवारा हो जाता था- दादाजी, पिताजी और फिर बच्चों पर। आज एकल परिवारों में सारा भार एक ही व्यक्ति पर आ गया है, जिससे वह खुद को अकेला और तनावग्रस्त महसूस करता है।
हास्य को लेकर उनका नजरिया बेहद सकारात्मक था। उन्होंने मंच पर अक्सर दोहराई जाने वाली अपनी पंक्तियों के माध्यम से बताया कि हंसना क्यों जरूरी है। सब स्टंट धरे रह जाते, हार्ट अटैक को रोक न पाते, ब्लॉकेज सारे खुल जाते हंसने और हंसाने से। उन्होंने सोशल मीडिया की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज तनाव दूर करने के लिए व्यक्ति को कहीं जाने की ज़रूरत नहीं है, सब कुछ उसके हाथ (मोबाइल) में है।
सोशल मीडिया पर कटाक्ष और प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि अब 'सास-बहू' को लड़ने का वक्त नहीं मिलता, क्योंकि वे फेसबुक पर 'फ्रेंड' बन रही हैं। उन्होंने तकनीक के लाभ गिनाते हुए कहा कि आज 'लोकेशन' के जरिए दूरियां खत्म हो गई हैं।
केसरदेव मारवाड़ी का जन्म नागौर जिले के लाडनूं में 'कुम्हारों का बास' मोहल्ले में हुआ था। सफलता की ऊंचाइयों को छूने और जयपुर में बसने के बाद भी उन्होंने अपनी जड़ों को कभी नहीं छोड़ा। वे कहते थे, "हमारी पहचान ही राजस्थान से है। मुझमें मेरे गांव और माटी के संस्कार हैं।" उन्होंने प्रवासियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बात कही थी।
"हमारे बुजुर्ग समझदार थे, जिन्होंने 'जड़ूला' जैसी परंपराएं बनाईं ताकि लोग अपनी जन्मभूमि से जुड़े रहें। आज परदेश में रहने वाले मारवाड़ी, यहां रहने वालों से ज्यादा निष्ठा से अपनी भाषा और रीति-रिवाजों का पालन कर रहे हैं।"
केसरदेव मारवाड़ी केवल एक हास्य कवि नहीं थे, बल्कि वे एक सरकारी शिक्षक के रूप में राष्ट्र निर्माण में भी योगदान दे रहे थे। उनकी कॉमेडी की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह 'साफ-सुथरी' होती थी, जिसे परिवार के साथ बैठकर सुना जा सकता था। उन्होंने कभी भी अपनी कला के लिए अश्लीलता का सहारा नहीं लिया।
केसरदेव मारवाड़ी का जाना राजस्थानी साहित्य के एक अध्याय का अंत है। उन्होंने सिखाया कि चुनौतियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, चेहरे पर मुस्कान रहनी चाहिए। आज भले ही वे भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी कविताएं और उनके विचार करोड़ों लोगों को मानसिक तनाव से लड़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।
नागौर जिले के खरनाल मेले को लेकर हास्य कवि केशरदेव प्रजापत के विवादित बयान से प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया था। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में केशरदेव प्रजापत खरनाल मेले को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए नजर आए थे, जिसमें उन्होंने मेले को लेकर विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और उनसे माफी मांगने की मांग उठाई।
खरनाल गांव में हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी को लोकदेवता तेजाजी महाराज की स्मृति में विशाल मेला आयोजित होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में हास्य कवि की टिप्पणी से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई थी।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर इस टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि हास्य के नाम पर किसी धार्मिक स्थल या समाज विशेष की आस्था पर टिप्पणी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने डीडवाना-कुचामन पुलिस प्रशासन से मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की थी।
वहीं, कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर ने भी इस बयान को अशोभनीय बताते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि हास्य के नाम पर समाजों के बीच सौहार्द बिगाड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस के अनुसार, शिकायत के बाद मामले की जानकारी जयपुर पश्चिम के मुरलीपुरा थाने को भेजी गई थी, क्योंकि केशरदेव जयपुर में रह रहे थे।
Updated on:
10 Feb 2026 02:46 pm
Published on:
10 Feb 2026 02:45 pm
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