वहीं छह मीटर चौड़ा एस्केलेटर फुट ओवरब्रिज और दिव्यांगों के लिए अलग से आने-जाने के रैंप, शेड और हर 100 मीटर पर बैठने की सुविधा सहित अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। इसमें टिकट घर, कैंटीन, आरक्षण कार्यालय, पार्किंग समेत कई मूलभूत सुविधाएं विकसित होंगी। जयपुर जंक्शन की बात की जाए तो यहां वर्तमान समय में सात प्लेटफॉर्म है। रेलवे अधिकारियों की मानें तो गांधीनगर व दुर्गापुरा से कई गुना बढ़कर यह स्टेशन कई मायनों में खास होगा।