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कांग्रेस ने जताया सचिन पर भरोसा, पायलट की अध्यक्षता में ही होंगे निकाय और पंचायत चुनाव

प्रदेश प्रभारी पाण्डे ने कहा, जिनके साथ चुनावी रणनीति बना रहे, फिर दूसरे अध्यक्ष का सवाल ही नहीं
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जयपुर

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Pushpendra Singh Shekhawat

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Updated: 20 Sep 2019, 9:26 PM IST

sachin pilot

कांग्रेस ने जताया सचिन पर भरोसा, पायलट की अध्यक्षता में ही होंगे निकाय और पंचायत चुनाव

जयपुर। प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ( Avinash Pandey ) ने साफ कर दिया है कि राजस्थान ( Rajasthan ) में निकाय और पंचायत चुनाव ( Local Body and Panchayat Elections ) कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) के नेतृत्व में ही होंगे। इस बयान के बाद फिलहाल पायलट के अध्यक्ष पद से जल्द हटने की चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। पाण्डे शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

एक पद एक व्यक्ति का फार्मूला लागू करने और उप मुख्यमंत्री व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट को अध्यक्ष पद से हटाए जाने के सवाल पर पाण्डे ने कहा कि जब निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारी को लेकर सारी रणनीति ही सचिन पायलट के साथ बना रहे हैं, फिर किसी दूसरे अध्यक्ष के बारे में तो प्रश्न ही नही उठता। उन्होंने कहा कि कौन किस पद पर रहेगा। इसका फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) लेती हैं। वैसे किसी भी पद पर कोई भी व्यक्ति समय सीमा के आधार पर नही होता। पायलट ने पिछले चुनावों में नेतृत्व किया और वे मेहनत के साथ अपने पद पर काम करते हुए अपना दायित्व निभा रहे हैं।

हर दिन 2 घंटे, हफ्ते में 5 दिन होगी कांग्रेस मुख्यालय पर जनसुनवाई
कांग्रेस मुख्यालय पर रोजाना 2 से ढाई घंटे मंत्री जनसुनवाई करेंगे। इसको लेकर रोस्टर तैयार किया जा रहा है। जिसमें हर दिन अलग-अलग मंत्रियों की ड्यूटी लगेगी। हफ्तेभर में 5 दिन यह जन सुनवाई चलेगी। प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि मंत्रियों को मिलने वाली शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर 15 दिन में इन पर कार्रवाई कराए जाने की योजना है। मंत्रियों को हफ्ते में तीन दिन सोमवार से बुधवार तक जयपुर में ही रहने के पहले ही सरकार निर्देश दे चुकी है। इसकी वजह है कि बुधवार को कभी भी केबिनेट बैठक बुलाई जा सकती है।


माह में दो दिन प्रभारी मंत्री करेंगे जिलों में जनसुनवाई...

जिलों में सरकार के कामकाज का संदेश पहुंचाने और लोगों की शिकायतें सुनने को लेकर मंत्रियों को माह में 2 दिन जिले में रहने के लिए कहा गया है। इस दौरान व सरकारी योजनाओं में होने वाले कार्यों की समीक्षा करेंगे। योजनाओं के कार्यों की जांच भी कर सकेंगे। सरकारी बैठकों के अलावा उन्हें जिला कांग्रेस कार्यालयों में लोगों की शिकायतें सुनने के लिए कहा जा रहा है।