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Jaipur News: न्यू सांगानेर रोड पर बुलडोजर चलाने की तैयारी, जेडीए ने लगाए लाल निशान, 250 से अधिक दुकान-घर जद में

न्यू सांगानेर रोड को 160 फीट चौड़ा करने के लिए जेडीए ने सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक करीब 2.4 किमी हिस्से में डिमार्केशन शुरू किया है। करीब 260 निर्माण कार्रवाई की जद में हैं। रविवार को लाल निशान लगाने के दौरान स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने कड़ा विरोध किया।
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जयपुर

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Kamal Mishra

•

Sep 27, 2026

jaipur jda action

Jaipur: न्यू सांगानेर रोड पर लाल निशान लगाने पहुंचे जेडीए के अधिकारी (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राजधानी जयपुर में न्यू सांगानेर रोड को 160 फीट चौड़ा करने की कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया है। सोडाला तिराहे से गुर्जर की थड़ी तक प्रस्तावित चौड़ीकरण के लिए जेडीए ने डिमार्केशन और मार्किंग शुरू कर दी है। रविवार को जेडीए की टीमें मौके पर पहुंचीं और सड़क की सीमा में आने वाले निर्माणों पर लाल निशान लगाए। कार्रवाई की सूचना मिलते ही स्थानीय निवासी और व्यापारी विरोध में उतर आए। लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण की जद में उनके घर, दुकान और वर्षों पुराना कारोबार आ रहा है।

जेडीए के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बेंच के निर्णय के तहत सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक करीब 2.4 किलोमीटर हिस्से में सीमांकन किया जा रहा है। इस दायरे में करीब 260 निर्माण चिह्नित किए जाने हैं। इनमें दुकानें, चबूतरे, रैंप और अन्य निर्माण शामिल हैं। कार्रवाई के लिए जेडीए ने पांच टीमें लगाई हैं। प्रभावित लोगों को नोटिस देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

सड़क पर उतरे लोग, महिलाओं ने भी किया प्रदर्शन

डिमार्केशन के विरोध में रविवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी सड़क पर जमा हो गए। कई महिलाएं भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने जेडीए प्रशासन, सरकार और स्थानीय विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ लोगों ने सरकार और प्रशासन की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर भी विरोध जताया। प्रदर्शन के कारण मौके पर तनाव की स्थिति बनी तो पुलिस ने लोगों को सड़क से हटाकर यातायात सुचारू कराने की कोशिश की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवार यहां दशकों से रह रहे हैं। कुछ कारोबार ऐसे हैं जो पीढ़ियों से संचालित हो रहे हैं। लोगों को आशंका है कि कार्रवाई आगे बढ़ी तो घर के साथ उनकी दुकान और रोजगार भी प्रभावित होगा। स्थानीय लोगों ने कहा कि कई परिवारों के बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं और घर टूटने की स्थिति में उनके सामने भविष्य की बड़ी चिंता खड़ी हो जाएगी।

व्यापारियों ने उठाया पुनर्वास का मुद्दा

स्थानीय व्यापार मंडल के संरक्षक ओम राजोरिया ने कहा कि सड़क विकास का विरोध नहीं है, लेकिन कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों की स्थिति पर विचार होना चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि अभी तक पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था स्पष्ट नहीं की गई है। उनका यह भी कहना है कि त्योहारी सीजन से पहले कार्रवाई की आशंका से कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों ने पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई और प्रदर्शन के दौरान कथित धक्का-मुक्की को लेकर भी सवाल उठाए।

मौके पर पहुंचे विधायक, बोले- जनता की बात सुनी जाए

विरोध की सूचना पर स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों और व्यापारियों से बातचीत की। विधायक ने कहा कि जनता की आपत्तियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी स्थान पर गलत या पक्षपातपूर्ण डिमार्केशन हुआ है तो उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जेडीए अधिकारियों से इस मामले में बातचीत की जा रही है और जनहित को ध्यान में रखते हुए समाधान तलाशने का प्रयास किया जाएगा।

विधायक ने जेडीए के मास्टर प्लान को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि समय के साथ मास्टर प्लान में बदलाव हुए हैं और पुराने बसे इलाकों में नियमों को लेकर स्थिति अलग हो सकती है। उन्होंने इस मामले में आगे कानूनी विकल्प तलाशने की बात भी कही।

पूर्व मंत्री भी पहुंचे, मामला अब घर और रोजगार का

विरोध के दौरान पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने जेडीए की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्रभावित लोगों के पक्ष में आवाज उठाई। फिलहाल मामला केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं रहा है। एक तरफ जेडीए कोर्ट के आदेश के अनुरूप डिमार्केशन और नोटिस की कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोग अपने घर, दुकान और रोजगार बचाने की मांग कर रहे हैं।