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जयपुर। केन्द्र की ओर से घुटना प्रत्यारोपण की कीमतें तय करने के बाद राजस्थान में एक साल में घुटनों के प्रत्यारोपण की लागत बेहद कम हो जाएगी। अब गरीब भी घुटनों के प्रत्यारोपण करा सकेंगे।
अभी तक एक प्रत्यारोपण के करीब एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक मरीजों से वसूले जा रहे थे। राजधानी की बात करें तो प्रदेश में हो रहे कुल प्रत्यारोपण का करीब 70 से 80 फीसदी यहीं हो रहे हैं। इनके अलावा अन्य शहरों में अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा सहित अन्य कुछ शहरों के निजी सेंटरों पर भी प्रत्यारोपण किए जा रहे हैं।
केन्द्र की ओर से आदेश जारी किए जाने के बाद गुरूवार को ड्रग कंट्रोलर राजस्थान ने जयपुर में प्रमुख निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई। जिसमें कीमतों को तत्काल प्रभाव से नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सभी अस्पतालों को परिपत्र जारी कर दिया गया है।
साल में बढ़ा प्रत्यारोपण का ट्रेंड
राजस्थान में 2010 के आस पास तक जोड व घुटना प्रत्यारोपण के ज्यादा केन्द्र नहीं थे। कहीं कहीं ये प्रत्यारोपण होते थे। प्रदेश के अधिकांश मरीज दिल्ली, मुंबई व अहमदाबाद सहित अन्य महानगरों में ही सर्जरी करवाते थे। सात सालों के दौरान प्रदेश में प्रत्यारोपण केन्द्र करीब तीन गुना तक बढ़े हैं।
हर बार नए जोड़ का दावा
प्रत्यारोपण का ट्रेंड इतना बढ़ा कि हर दूसरे महीने में कोई ना कोई अंतराष्ट्रीय तकनीक से जोड़ बदलने का दावा यहां किया जा रहा है। इनमे अधिक से अधिक चलने वाले जोड़ के दावे भी शामिल हैं।
हालांकि कई बार मरीजों की शिकायत यह भी रहती है कि जरा सी तकलीफ होते ही कुछ सेंटरों पर उन्हें जोड़ बदलवाने की सलाह दे दी गई। लंबे समय तक उन्होंने बिना प्रत्यारोपण करवाए सिर्फ व्यायाम के जरिये ही बेहतर जीवन भी जीया।
-केन्द्र के आदेश के बाद राजस्थान में सर्कुलर जारी कर कीमतें नियंत्रित करने के निर्देश दिए जाएंगे। कहीं अधिक वसूली होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
अजय फाटक, ड्रग कंट्रोलर, राजस्थान
Updated on:
18 Aug 2017 10:00 am
Published on:
18 Aug 2017 09:58 am
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