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एसएमएस अस्पताल में नर्सिंगकर्मियों ने की हड़ताल, मरीज हुए परेशान

प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल में नर्सिंगकर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया है।
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जयपुर

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Manish Chaturvedi

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Updated: 1 Jul 2023, 11:28 AM IST

एसएमएस अस्पताल में नर्सिंगकर्मियों ने की हड़ताल, मरीज हुए परेशान

एसएमएस अस्पताल में नर्सिंगकर्मियों ने की हड़ताल, मरीज हुए परेशान

जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल में नर्सिंगकर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया है। नर्सिंग कर्मियों ने शनिवार सुबह आठ बजे कामकाज ठप्प कर दिया। सुबह दस बजे तक नर्सिंगकर्मियों की ओर से कार्य बहिष्कार किया गया। नर्सिंग कर्मियों की सांकेतिक हड़ताल के कारण एसएमएस अस्पता में मरीजों के सामने परेशानियां खड़ी हो गई। सिर्फ इमरजेंसी में नर्सिंग कर्मियों की ओर से कार्य बहिष्कार नहीं किया गया। इमरजेंसी में नर्सिंगकर्मियों ने मरीजों की देखरेख की। इसके अलावा अन्य सभी वार्डों में नर्सिंगकर्मियों ने काम बंद कर दिया। जिसकी वजह से मरीजों को चिकित्सा संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

राजस्थान नर्सेज संयुक्त संघर्ष समिति के तत्वाधान में सरकार के खिलाफ विरोध किया जा रहा है। नर्सेज की ओर से 11 सूत्रीय मांगें की जा रही है। जिसमें नर्सिंग निदेशालय की स्थापना, कैडर रिव्यू, उच्च शिक्षा भता आदि मांगें की जा रही है।

इस दौरान एसएमएस अस्पताल के सभी नर्सिंगकर्मी अधीक्षक कार्यालय के पास बने मुख्य द्वार पर एकत्रित हो गए। जहां नर्सिंग कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जिला संयोजक अनेश सैनी, महिपाल सामोता, सोमसिंह, आशीष भारद्वाज, समोल कुमारी, अरविंद कामबार सहित अन्य नर्सिंग कर्मी मौजूद रहें।

जिला संयोजक अनेश सैनी ने कहा कि नर्सेज कर्मी लंबे समय से सरकार के समक्ष अपनी मांगें रख रहें है। लेकिन अब तक नर्सेज कर्मियों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। नर्सेज कर्मियों की सरकार की ओर से उपेक्षा की गई है। जिसे अब तक बर्दास्त किया गया, लेकिन अब नहीं किया जाएगा। अब नर्सेज को उनका हक मिलना ही चाहिए। इसे लेकर नर्सेज अपनी ताकत सरकार को दिखा रही है। अभी तो सिर्फ सांकेतिक हड़ताल कर सरकार को चेतावनी दी गई है। लेकिन अगर सरकार नहीं चेती तो नर्सिंगकर्मियों को बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेेगा। सैनी ने कहा कि कोरोना काल में अपनी जान को जोखिम में डालकर नर्सिंग कर्मियों ने मरीजों की सेवा की। लेकिन अब हालात यह है कि सरकार की ओर से उनकी अनदेखी की जा रही है। जिसे अब बर्दास्त नहीं किया जाएगा।