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Video: चेतन की मौत पर सस्पेंस बरकरार, मनोचिकित्सक बोले- सुसाइड करने से पहले कोई नहीं करता इंतज़ार

पुलिस ने दोहराया सीन, 25 मिनट में पत्थरों पर लिख पाए पूरा वाक्या...
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जयपुर

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Dinesh Saini

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Updated: 28 Nov 2017, 3:03 PM IST

nahargarh suicide

जयपुर। नाहरगढ़ की दीवार पर लटके मिले चेतन के शव के मामले में ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने सोमवार को मौके पर पहुंच कर सीन रीक्रिएट किया। पुलिस को घटना स्थल पर 35 स्थानों पर फिल्म पद्मावती को लेकर संदेश लिखे मिले थे। जब पुलिस ने इतने शब्द लिखे तो उन्हें 25 से 30 मिनट इन्हें लिखने में लगे। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या चेतन 25-30 मिनट तक पत्थरों पर संदेश लिखता रहा, फिर फंदा बनाया और फांसी लगा ली।

इस पूरे काम में जितना समय लगा है मनोचिकित्सकों के अनुसार अमूमन व्यक्ति आत्महत्या करने से पहले इतनी देर नहीं रुकता। अगर वह इतनी देर रुकता है तो वह आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाता। क्योंकि ये फैसला क्षणिक होता है। हालांकि अगर कोई व्यक्ति अधिक डिप्रेशन में है तो वह ऐसा कदम उठा सकता है। लेकिन चेतन के परिवार का दावा है कि वह किसी तनाव में नहीं था। ऐसे में चेतन की मौत एक सवाल बनी हुई है।

आज परिजनों से पूछताछ
वहीं पुलिस ने चेतन के घर से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आज चेतन के परिजनों से पूछताछ कर उसके दोस्तों व अन्य लोगों की जानकारी जुटाएगी। पुलिस ने चेतन की पत्नी द्वारा दिए गए हत्या के परिवाद पर मामला भी दर्ज नहीं किया है। थानाधिकारी रामकिशन ने बताया कि घटना स्थल पर सीन रीक्रिएट किया गया। घटना स्थल पर जितने शब्द लिखे मिले उतने लिखने में पुलिस को करीब 25 से तीस मिनट का समय लगा। चेतन की मौत और घटना स्थल पर अन्य लोगों की उपस्थित होने सहित अन्य जानकारी जुटा रहे हैं।

मनोचिकित्सकों ने कहा, एक सैकंड बहुत है विचार बदलने के लिए
मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रेरणा पूरी का कहना है कि किसी के दिमाग में क्या चल रहा है यह बताया नहीं जा सकता, लेकिन कुछ विचार याद आ जाएं तो आत्महत्या का विचार त्यागा जा सकता है। वहीं मनोवैज्ञानिक डॉ. विश्वा चौधरी ने बताया कि आत्महत्या करने वाला अगर दूसरी बार इसके बारे में सोच ले तो एक सैकंड में आत्महत्या करने वाला अपना विचार बदल सकता है। हालांकि कई बार कई घंटों तक अवसाद में रहकर भी आत्महत्या का कदम उठा लिया जाता है।

करणी सेना का चेतन के परिवार को समर्थन
उधर, करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष मृतक चेतन सैनी के घर पहुंचे और परिजनों को अपना समर्थन जताया। वहीं मांग उठाई कि पुलिस अब तक जांच में नाकाम रही है इसलिए मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।

चेतन सैनी की आत्महत्या पर उठ रहे सवाल उस समय गर्मा गए जब एक बार फिर नाहरगढ़ की पहाडिय़ों पत्थरों पर कोयले से संदेश लिखे होने की जानकारी पुलिस को मिली। इससे पहले पुलिस ने पत्थरों पर लिखे सभी संदेश वीडियो और फोटो निकालने व एफएसएल नमूने लेने के बाद मिटा दिए थे, लेकिन फिर से लिखे नए संदेशों को लेकर पुलिस की जांच फिर भटकने लगी है।