
मुकेश शर्मा
राजस्थान पुलिस इंटेलिजेंस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इंटेलिजेंस ने पाया की पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले के मोबाइल में गोपनीय तरीके से हैक करने वाला बग (सॉफ्टवेयर लिंक) भी इंस्टॉल कर दिया गया था। पाकिस्तानी महिला एजेंट के हनीट्रैप में फंसे कैंटीन संचालक विक्रम सिंह ने उससे फोटो मंगवाई।
पाक महिला एजेंट ने खुद की फोटो व अश्लील वीडियो के साथ गोपनीय तरीके से बग भी वॉट्सएप पर भेजा। जासूसी के आरोप में गिरफ्तार विक्रम ने पाक महिला एजेंट की भेजी फोटो व वीडियो को जैसे ही डाउनलोड किया, वैसे ही बग उसके मोबाइल में इंस्टॉल हो गया।
इसके बाद आईएसआई आरोपी विक्रम के मोबाइल को पाकिस्तान से सीधे ऑपरेट कर रही थी। यह है मामला पाक महिला एजेंट ने विक्रम से वॉट्सएप पर संपर्क किया और खुद को जयपुर निवासी अनिता बताया था। बाद में आरोपी को हनीट्रैप में फंसा लिया और सेना संबंधित सूचनाएं लेने लगी।
राजस्थान पुलिस इंटेलिजेंस ने आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार किया था। इंटेलिजेंस ने श्रीडूंगरगढ़ तहसील के लाखासर गांव निवासी विक्रम सिंह को बुधवार को न्यायालय में पेश कर पांच दिन का रिमांड मांगा। न्यायालय ने आरोपी को तीन दिन के रिमांड पर सौंपा है। आरोपी को गुरुवार को बीकानेर मौका तस्दीक करवाने ले जाया जाएगा। रिमांड अवधि पूरी होने पर जयपुर लाकर न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपी को ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर करने के सबूत भी मिले हैं।
आरोपी विक्रम सिंह के मोबाइल का डाटा रिकवर करने के साथ उसके बैंक खातों का ब्यौरा भी इंटेलिजेंस एजेंसियां जुटा रही हैं। पाक महिला एजेंट ने विक्रम के साथ चार अन्य लोगों से भी मोबाइल पर सम्पर्क किया था। पाक महिला एजेंट जिस नम्बर से वाट्सऐप संचालित करती थी, उसकी डिटेल से इसका पता चला है। सिलाई का काम करने वाले एक व्यक्ति सहित चार अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई है।
इनके मोबाइल फोन भी खंगालें गए हैं। इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई बीकानेर में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आरोपी विक्रम के मोबाइल से सीधी नजर रख रही थी। मोबाइल के आस-पास होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उसके आस-पास होने वाली हर आवाज को सुनते थे। कैंटीन में आने वाले सैनिक क्या बातचीत करते, इसको भी रिकॉर्ड करते थे। इंटेलिजेंस की पड़ताल में आरोपी के मोबाइल में बग इंस्टॉल मिला है, जिसके संबंध में आरोपी को भी पता नहीं था।
भारतीय ध्वज से भी नहीं पकड़ पाया : आईएसआई की महिला पीआइओ (पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव एजेंट) ने आरोपी को खुद की फोटो भेजी थी, जिसमें एक फोटो में महिला एजेंट कुर्सी पर बैठी है और टेबल पर भारतीय ध्वज लगा है। लेकिन ध्वज में रंग अलग है। इसे देखकर भी आरोपी विक्रम को उस पर संदेह नहीं हुआ।
Published on:
29 Feb 2024 02:35 pm
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