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अफसर मौन तो इस ‘मर्दानी’ ने संभाला मोर्चा…फिर हुआ कुछ ऐसा कि भरने लगा सरकार का खजाना

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जयपुर

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Dharmendra Singh

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Updated: 22 Oct 2018, 12:31 PM IST

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अफसर मौन, ट्रेफिक पुलिस तमाशबीन तो जयपुर की इस 'मर्दानी' ने संभाला मोर्चा...फिर हुआ कुछ ऐसा कि भरने लगा सरकार का खजाना

चार दिन की गश्त में दस फीसदी बढ़ गया रोडवेज बसों में यात्रीभार

जयपुर।
आज लगातार चौथे दिन जयपुर स्थित केंद्रीय बस स्टैंड के बाहर सड़क पर खड़ी हो रही लोक परिवहन सेवा और प्राइवेट बसें अब गायब होने लगी हैं। रोडवेजकर्मी रोजाना गश्त कर प्राइवेट बसों के जमावड़े को हटा रहे हैं, यहां तक कि महिला कर्मचारी तक लाठी लेकर सड़क पर उतर रही हैं, लेकिन परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस हाथ पर हाथ धरे तमाशा देख रही है। बहरहाल रोडवेजकर्मियों की कार्रवाई से रोडवेज बसों में दस फीसदी तक यात्रीभार में बढ़ोतरी हुई है, वहीं रोजाना तीन से चार लाख रुपए तक आय भी बढ़ गई है। सिंधी कैंप बस स्टैंड चीफ मैनेजर कैलाश बड़ाया ने बताया कि रोडवेजकर्मियों की कार्रवाई से रोडवेज बसों में यात्रीभार बढऩे के साथ ही आय में भी बढ़ोतरी होने लगी है। लेकिन स्थानीय पुलिस का सहयोग जरूर मिल रहा है, लेकिन परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

परिवहन अफसरों ने आरटीओ पर डाली जिम्मेदारी

मामले में परिवहन विभाग के अतिरिक्त परिवहन आयुक्त प्रवर्तन सत्तार खान ने आरटीओ झालाना से बात करने का सुझाव देकर पल्ला झाड़ लिया है। हालांकि सिंधी कैंप के बाहर सड़क पर प्राइवेट बसों का जमावड़ा हटने से चांदपोल से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क अब अतिक्रमण से मुक्त नजर आने लगी है। रोडवेजकर्मियों ने सिंधी कैंप के बाहर बेतरतीब ढंग से खड़े हो रहे ई-रिक्शा को भी हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

सिंधी कैंप बस स्टैंड के बाहर से गुजर रही ओवरलोड बसें

वहीं, शहर के कई इलाकों में जहां भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी है, वहीं सिंधी कैंप बस स्टैंड के बाहर से रोजाना गुजर रही ओवरलोड प्राइवेट बसों के खिलाफ परिवहन विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है। ओवरलोड बसों से हरदम हादसे की आशंका बनी रहती है, बावजूद इसके ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के दस्ते आंखें मूंद कर बैठे हैं।