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Rajasthan Election: टिकट देना राजनीतिक दलों के हाथ… फिर इंतजार क्यों

Rajasthan Assembly Election 2023: संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के बाद इस बार के राजस्थान विधानसभा चुनाव से ही महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व दिए जाने की आस जगी है। इस बार महिला और युवाओं की ओर से टिकट की दावेदारी भी ज्यादा संख्या में जताई गई है।
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जयपुर

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Santosh Trivedi

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Updated: 29 Sep 2023, 1:19 PM IST

patrika janprahari abhiyan

Rajasthan Assembly Election 2023 संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के बाद इस बार के राजस्थान विधानसभा चुनाव से ही महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व दिए जाने की आस जगी है। इस बार महिला और युवाओं की ओर से टिकट की दावेदारी भी ज्यादा संख्या में जताई गई है।

राजस्थान पत्रिका जनप्रहरी लोकतंत्र के उत्सव में बढ़-चढ़ कर भाग लेने को तैयार हैं, वहीं महिलाओं और युवाओं को पहले से ज्यादा टिकट देने का राजनीतिक दलों पर दबाव भी है। जन साधारण के बीच यह मांग उठ रही कि 33 प्रतिशत आरक्षण भले ही जनगणना और परिसीमन के बाद लागू हो, लेकिन महिलाओं की भागीदारी इसी चुनाव से ही बढ़ाई जा सकती है।

राजनीति के जानकारों का कहना है कि टिकट देना राजनीतिक दलों के हाथ में है तो फिर विधेयक लागू होने का इंतजार क्यों। कम से कम 25-25 प्रतिशत टिकट महिला और युवाओं को दिए जाने चाहिए। ऐसा होता है तो दोनों दलों को 50 महिलाएं और 50 युवाओं को टिकट देना होगा। राज्य में मतदाता सूची के अनुसार करीब 5 करोड़, 14 लाख, 58 हजार, 970 मतदाता हैं। इनमें युवाओं की संख्या आधी है।

कुल मतदाताओं में से 2 करोड़, 68 लाख, 47 हजार, 147 पुरुष और 2 करोड़, 46 लाख, 11 हजार, 823 महिला मतदाता हैं। महिलाओं की आबादी भी पुरुषों के लगभग बराबर है। पिछले चुनाव में 189 महिलाओं ने चुनाव लड़ा था, इनमें से 24 ने जीत हासिल की। कांग्रेस ने 27 और भाजपा ने 23 महिलाओं को उम्मीदवार बनाया था।