
जयपुर।
विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रिफाइनरी का शिलान्यास करने अगले माह राजस्थान दौरे पर आएंगे। यह दौरा रिफाइनरी की सौगात देने के साथ ही पार्टी के चुनावी शंखनाद के लिए अहम माना जा रहा है। नवंबर में होने वाले इस शिलान्यास कार्यक्रम के ठीक एक साल बाद अगले वर्ष नवंबर 2018 में विधानसभा चुनाव होंगे। बाड़मेर के पचपदरा में लगाई जा रही रिफाइनरी के लिए सभी प्रकार के अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल चुके हैं। इसमें 30 फीसदी मशीनरी विदेश से आएगी और 70 फीसदी मशीनरी भारत की भेल (बीएचईएल) कपंनी से आएगी। 4567.32 एकड़ जमीन पर 43129 करोड़ रुपए की लागत से रिफाइनरी लगेगी और इसके निर्माण में 4 साल लगेंगे। इसके लगने से पश्चिमी राजस्थान का तेजी से विकास होगा।
सूत्रों के मुताबिक नवंबर में रिफाइनरी का शिलान्यास कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री को पत्र भेजा जा चुका है। इधर, रिफाइनरी प्रोजेक्ट के लिए जमीन की लीजडीड होने के साथ ही मौके पर चारदीवारी निर्माण शुरू कराया जा चुका है। सभी कार्यों के लिए दो दिन पहले ही रिफाइनरी बोर्ड की बैठक में बजट स्वीकृत कर दिया गया है।
--तेल की तीन लाइन---
1. केयर्न एनर्जी के कुओं से
- केयर्न एनर्जी की ओर निकाले जा रहे क्रूड ऑयल को रिफाइनरी तक लाने के लिए नगाड़ा गांव से आएगी पाइप लाइन
- पाइपलाइन 3 फीट चौड़ी होगी
- नगाड़ा गांव की दूरी पचपदरा रिफाइनरी प्रोजेक्ट से 60 किमी है
2. गुजरात पोर्ट से पाइपलाइन
- रिफाइनरी की क्षमता के अनुपात में राजस्थान में क्रूड ऑयल की उपलब्धता नहीं होने पर गुजरात पोर्ट से क्रूड लाने के लिए लाइन बिछाई जाएगी
- पाइपलाइन की लम्बाई होगी 650 किमी, 4 साल लगेंगे
- 2 से 3 फीट चौड़ी होगी
3. प्रोडक्ट पाइपलाइन भी
- प्रोडक्ट की आपूर्ति के लिए प्रोडक्ट लाइन भी डाली जाएगी।
- लम्बाई 20 किमी हो सकती है
- नई प्रोडक्ट लाइन पहले ही बाड़मेर से गुजर रही प्रोडक्ट लाइन से जोड़ी जाएगी
- लाइन की चौड़ाई 2 से 3 फीट तक होगी
इंदिरा गांधी नगर के नाचना हैड से मिलेगा पानी
- हैड की रिफाइनरी प्रोजेक्ट से करीब 225 किमी दूरी
- डेढ़ मीटर चौड़ाई में होगी पाइपलाइन
ऐसे चलेगा रिफाइनरी का काम
- प्रोजेक्ट में 15 हजार से अधिक कर्मचारी-इंजीनियर लगेंगे
- कर्मचारियों को पीने का पानी बालोतरा से मिलेगा
- इंजीनियर और कर्मचारियों के लिए बनेगी टाउनशिप
- अगले तीन माह में रिफाइनरी प्रोजेक्ट के काम में आएगी तेजी
- निर्माण कार्यों के साथ 1 साल बाद तेजी से फ्रेब्रिकेशन का काम चालू होगा
अभी पानी-बिजली की ये व्यवस्था
प्रोजेक्ट का काम 4 साल में पूरा होगा। इस दौरान तत्काल पानी और बिजली की आवश्यकता को देखते हुए भी राज्य सरकार ने तैयारी कर ली है। निर्माण कार्य के दौरान पानी की आपूर्ति रिफाइनरी प्रोजेक्ट से करीब 60 किमी दूर जलदाय विभाग के नगाड़ा स्थित स्टोर से होगी। इसी प्रकार बिजली निर्माण कार्य के दौरान पास ही स्थित पावरग्रिड से मिलेगी।
पिछली सरकार में मौके पर नहीं हुआ था कोई भी निर्माण कार्य
पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में रिफाइनरी का शिलान्यास यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने किया था। उस समय मौके पर कोई भी निर्माण कार्य नहीं हुआ था। 22 सितंबर 2013 को गांधी ने शिलान्यास किया था और 4 अक्टूबर 2013 को विधानसभा चुनाव आचार संहिता लगने के चलते कान शुरू ही नहीं किया गया।
बाद में राज्य की कमान भाजपा सरकार ने संभाली तो रिफाइनरी को घाटे का सौदा बताते हुए पुन: एमओयू का एलान कर दिया था। अब फिर एमओयू कर काम चालू हुआ है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब शिलान्यास करेंगे तो मौके पर काम काफी तेज होगा।
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Published on:
10 Oct 2017, 11:59 AM IST
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