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शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही, फर्जी डिग्री बेचने वाली प्रियंका का PTI में कर दिया सिलेक्शन, अब लगाई रोक

जयपुर। अभी पेपर लीक मामले में लिप्त शिक्षक शेर सिंह मीणा को दिए गए प्रमोशन का मामला शांत भी नहीं हुआ था की अब राजस्थान के शिक्षा विभाग की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है।
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जयपुर

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Manoj Vashisth

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Updated: 2 Jun 2023, 10:48 AM IST

rajasthan staff selection board

शिक्षा विभाग ने सीनियर टीचर पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड भूपेंद्र सहारण की महिला मित्र प्रियंका विश्नोई का पीटीआई भर्ती परीक्षा में सिलेक्शन कर दिया था।

Paper leak case : अभी पेपर लीक मामले में लिप्त शिक्षक शेर सिंह मीणा को दिए गए प्रमोशन का मामला शांत भी नहीं हुआ था की अब राजस्थान के शिक्षा विभाग की एक और बड़ी लापरवाही सामने आई है। मीणा प्रमोशन के बाद अब शिक्षा विभाग ने सीनियर टीचर पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड भूपेंद्र सहारण की महिला मित्र प्रियंका विश्नोई का पीटीआई भर्ती परीक्षा में सिलेक्शन कर दिया था। आपको बता दें कि शिक्षा विभाग ने प्रियंका के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को क्लीन चिट देकर फाइनल सिलेक्शन लिस्ट कर्मचारी चयन बोर्ड भेजी थी।

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आपको बता दें कि कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्रियंका विश्नोई के डॉक्यूमेंट की दुबारा से जांच की तो पता चला कि उसके पास चूरू के एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी की डिग्री है। जिसे बोर्ड ने अखारिज करते हुए प्रियंका के सिलेक्शन पर रोक लगा दी। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा ने बताया कि इस लिस्ट में प्रियंका बिश्नोई का भी नाम सामने आया था। जैसे ही हमें इस पर डाउट हुआ। तो हमने पुलिस से इसका वेरिफिकेशन कराया।


पुलिस वेरिफिकेशन से पता चला कि ये पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हो चुकी है जिसके पास फर्जी डिग्री भी मिली है। ऐसे में हमने उसके रिजल्ट पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही भविष्य में होने वाली भर्ती परीक्षाओं के लिए भी उसे प्रवेश करने करने [पर रोक लगा दी है ।

हरिप्रसाद शर्मा ने बताया कि पीटीआई भर्ती परीक्षा में 879 स्टूडेंट ऐसे हैं। जिन्होंने रिटन टेस्ट क्लियर कर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी करा लिया था। लेकिन उनके डॉक्यूमेंट में कमी के बाद हमने उनके सिलेक्शन को रोक दिया है। हालांकि 879 अभ्यार्थियों को 7 दिन का वक्त दिया गया है। ऐसे में अगर उनमें से कोई भी अभ्यर्थी बोर्ड द्वारा दर्ज की गई आपत्तियों का समाधान कर देते हैं। तो उन्हें सिलेक्शन का मौका मिल सकता है।

क्या इस बार भी लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरेगी

आपको बता दें कि शिक्षा विभाग ने 2 से 16 दिसंबर तक दस्तावेज सत्यापन किए थे। इसके बाद 24 दिसंबर को वरिष्ठ अध्यापक भर्ती का पेपर लीक हो गया और 27 दिसंबर को भूपेंद्र सारण की गर्लफ्रेंड प्रियंका विश्नोई को गिरफ्तार किया। शिक्षा विभाग ने 13 जनवरी को अंतिम चयन सूची बोर्ड को भिजवाई थी। लेकिन इसको अपडेट नहीं की और प्रियंका का नाम भी भेज दिया था। ऐसे में अब देखना होगा क्या शेर सिंह मीणा के प्रमोशन मामले में लापरवाह अधिकारियों पर करवाई की थी। क्या उसी तरह इस बार भी लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरती है।


राजस्थान पुलिस ने पिछले साल दिसंबर में भूपेंद्र सारण की गर्लफ्रेंड प्रियंका विश्नोई को जयपुर के मानसरोवर से गिरफ्तार किया था। जहां नकल से संबंधित विभिन्न यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्रियां व मार्कशीट का कारोबार चल रहा था। उस वक्त प्रियंका विश्नोई के पास 9 मार्कशीट श्रीनगर की इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड वोकेशनल ट्रेनिंग की मिलीं। जो बडगांव (जम्मू-कश्मीर) में है। 3 मार्कशीट हिमालय यूनिवर्सिटी की मिलीं। जो ईटानगर अरूणाचल प्रदेश में है। 8 मार्कशीट नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग की मिली हैं। जो नागपुर में है। 12 मार्कशीट ओपीजेएस यूनिवर्सिटी चूरू की फर्जी मिली हैं।

आपको बता दे कि यह डिग्रियां और फर्जी मार्कशीट प्रियंका के बॉय फ्रेंड भूपेन्द्र सारण और उसके भाई गोपाल विश्नोई ने तैयार की हैं। प्रियंका ने स्वीकार किया कि भूपेन्द्र के कहने पर उसने इन्हें अपने पास रखा और भूपेन्द्र के बताए अनुसार ही इसे लोगों को पैसा लेकर बेचती थी। इस पर पुलिस ने प्रियंका को गिरफ्तार किया।