
जयपुर। प्रदेश में काफी समय से रिक्त चल रहे एएनएम और जीएनएम के करीब 17 हजार पदों पर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में 24 घंटे प्रसूति सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए डिलीवरी पॉइन्ट बनाए जाएंगे। सरकारी संस्थानों में भी निजी अस्पतालों जैसी सुविधा मिले इसके भी सरकार प्रयास करेगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने सोमवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित जन घोषणा पत्र की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने विभाग की ओर से संचालित विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने प्रत्येक चिकित्सा संस्थान पर प्रसव सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार सभी केन्द्रों पर आवश्यक रूप से प्रसव कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने चिकित्सा संस्थानों पर चिकित्सक, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टॉफ की स्थिति की भी समीक्षा की।
खराब एंबुलेंस को हटाकर नई एंबुलेंस आएगी
प्रदेश में वर्तमान में 732 आपातकालीन एंबुलेंस 108 संचालित की जा रही है। खराब पड़ी एम्बुलेंस के स्थान पर नई एम्बुलेंस लगाने की कार्रवाई यथाशीघ्र शुरू होगी। साथ ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संचालित मेडिकल मोबाइल यूनिट एवं मेडिकल मोबाइल वैन के संचालन को और प्रभावी बनाने के निर्देश एि गए हैं।
खसरा व रूबेला अभियान की तैयारियों के निर्देश
मंत्री ने टीकाकरण के क्षेत्र में हुई प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी बच्चों के पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले माह संचालित होने वाले खसरा-रूबेला अभियान की सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में मेडिकल ट्यूरिज्म को बढ़ावा देने की आवश्यकता प्रतिपादित की।
निजी अस्पतालों के मौजूदा कानून में होगा बदलाव
चिकित्सा मंत्री ने निजी चिकित्सालयों एवं जांच केन्द्रों पर गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए बेतहाशा शुल्क के नाम पर अनावश्यक दबाव को रोकने के लिए मौजूदा कानून में संशोधन करने के निर्देश दिए। खाद्य पदार्थों में मिलावट पर चिंता जताते हुए मिलावटियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने औद्योगिक घरानों के सीएसआर की ओर से चिकित्सा संस्थानों को गोद लिए जाने के लिए औद्योगिक घरानों से संपर्क कर चिकित्सा संस्थानों की सीएसआर के अंतर्गत गोद लिए जाने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ये थे मौजूद
बैठक में शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा हेमंत गेरा, मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. समित शर्मा, प्रबंध निदेशक आरएमएससी सुरेश चन्द गुप्ता, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम एस.एल.कुमावत, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. वी.के.माथुर, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. खुशाल यादव, निदेशक आरसीएच डॉ. श्रीराम मीणा, निदेशक एड्स डॉ.आर.पी.डोरिया सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
Published on:
10 Jun 2019, 8:07 PM IST
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