अक्टूबर 2021 में न्यायाधीश अकील कुरैशी यहां मुख्य न्यायाधीश के रूप में आए, जिनका कार्यकाल करीब पांच माह रहा। उनके बाद जून 22 में करीब सवा माह के लिए नए मुख्य न्यायाधीश आए, जून में अवकाश का समय भी उनके कार्यकाल में शामिल है। दो माह बाद आए नए मुख्य न्यायाधीश करीब चार माह यहां रहकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। फिर करीब पौने चार माह बाद आए मुख्य न्यायाधीश सवा पांच माह बाद सुप्रीम कोर्ट चले गए। उनके कार्यकाल में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि भी शामिल है। अब यह बात चल निकली है कि यहां का मुख्य न्यायाधीश बनने का मतलब जल्दी सुप्रीम कोर्ट जाने की गारंटी। इस बीच स्थिति यह है कि करीब डेढ़ माह हो गए और अभी तक नया मुख्य न्यायाधीश नहीं लगाया गया। ऐसे में राजस्थान के वकीेलों में इस बात को लेकर नाराजगी जन्म ले रही है कि यहां जो भी मुख्य न्यायाधीश लगाया जा रहा है, माहौल समझने और स्थिति सुधारने का प्रयास करने से पहले ही उनका कार्यकाल पूरा हो जाता है। केन्द्र में विधि मंत्रालय का जिम्मा अर्जुनराम मेघवाल के पास है, ऐसे में नाराजगी और बढ़ रही है।