
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan High Court : राजस्थान हाईकोर्ट ने नगरीय विकास विभाग के सचिव व पांचों बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को नोटिस जारी कर पूछा कि बिजली कंपनियों के 20 से अधिक अभियंताओं को नगरीय विकास विभाग में नियुक्ति क्यों दी गई?
पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था की जनहित याचिका पर आज हाईकोर्ट ने यूडीएच विभाग के सचिव, पांच बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों एवं 23 अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हाईकोर्ट ने कहा, बिजली कंपनियों में नियुक्त इंजीनियरों को नगरीय विकास विभाग में नियुक्तियां क्यों दी?
न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने पब्लिक अगेंस्ट करप्शन की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता संस्था की ओर से अधिवक्ता पूनम चन्द भण्डारी एवं डॉ. टी.एन. शर्मा ने कोर्ट को बताया कि बिजली कंपनियों ने कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती की, लेकिन मिलीभगत करके नियम विरुद्ध कनिष्ठ अभियंताओं को नगरीय विकास विभाग में नियुक्ति दिलवा दी।
ये नियुक्तियां पूरी तरीके से राजस्थान सेवा नियमों के विपरीत हैं। केवल सरप्लस होने पर ही एक निगम से दूसरे निगम में नियुक्ति दी जा सकती है। निगम या बोर्ड से सीधे सरकार में नियुक्ति देने का प्रावधान ही नहीं है। इसके बावजूद विद्युत अभियंताओं को नगरीय विकास विभाग में नियुक्त किया जा रहा है, जो पिछले दरवाजे से नियुक्ति देने के समान है।
Updated on:
22 Sept 2025 10:20 am
Published on:
22 Sept 2025 10:20 am
