न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने पब्लिक अगेंस्ट करप्शन की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता संस्था की ओर से अधिवक्ता पूनम चन्द भण्डारी एवं डॉ. टी.एन. शर्मा ने कोर्ट को बताया कि बिजली कंपनियों ने कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती की, लेकिन मिलीभगत करके नियम विरुद्ध कनिष्ठ अभियंताओं को नगरीय विकास विभाग में नियुक्ति दिलवा दी।