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दशकों से BJP की आफत बनी है शेखावाटी की सियासत, 3 जिलों में 8 सीटें ऐसी जहां या तो खाता ही नहीं खुला या एक-दो बार ही जीत मिली

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जयपुर

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rohit sharma

•

Updated: 16 Oct 2018, 8:00 AM IST

अंकित ढाका

जयपुर ।

प्रदेश में 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा प्रचंड बहुमत से जीती हो, लेकिन मरुधरा की सियासत में अलग स्थान रखने वाला शेखावाटी क्षेत्र अब भी उसकी मुसीबत बना हुआ है। सीकर, चूरू, झुंझुनूं जिलों में फैले इस क्षेत्र में कई सीटें ऐसी हैं, जहां पिछले विधानसभा चुनाव की जबरदस्त लहर के बावजूद भाजपा को दूसरे या तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। कुछ सीटें तो ऐसी भी हैं, जहां जनसंघ के जमाने से ही या तो पार्टी खाता ही नहीं खोल पाई है या एक बार जीतने के बाद फिर लम्बे समय से अगली विजय का इंतजार ही कर रही है।

झुंझुनूं

मंडावा: नहीं खुला खाता, 13 चुनावों में 8 बार कांग्रेस
झुंझुनूं जिले की मंडावा विधानसभा क्षेत्र से अब तक भाजपा को खाता खुलने का इंतजार ही है। 1957 में अस्तित्व आई इस सीट से पहले भारतीय जनसंघ और उसके बाद भाजपा के जीत के सारे प्रयास विफल ही रहे। सीट पर अब तक हुए 13 चुनावों में से 8 बार कांग्रेस, एक-एक बार सीपीआई, स्वतंत्र पार्टी, जनता पार्टी (सेक्यूलर), जनता दल और निर्दलीय ने जीत हासिल की है। वर्ष 2013 में निर्दलीय नरेन्द्र कुमार जीते और भाजपा तीसरे स्थान पर रही।

नवलगढ़: 4 बार भाए निर्दलीय, 5 बार जीती कांग्रेस

झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ सीट पर जनसंघ और भाजपा का खाता नहीं खुला। यह सीट कांग्रेस और निर्दलीयों के लिए भी मुफीद रही। 14 चुनावों में 5 बार कांग्रेस, 4 बार निर्दलीय और एक-एक बार राम राज्य परिषद, स्वतंत्र पार्टी, जनता पार्टी , जनता दल, बसपा विजयी रहे। वर्ष 2013 में निर्दलीय राजकुमार शर्मा जीते।

झुंझुनूं: भाजपा जीती एक बार, 11 बार कांग्रेस

झुंझुनूं सीट 1951 से कांग्रेस का गढ़ है। 1951 में कांगे्रस के नरोत्तम लाल जोशी जीतकर विधानसभा के पहले स्पीकर बने तो 2003 में भाजपा से एकमात्र जीत दर्ज करने वाली सुमित्रा सिंह भी पहली महिला स्पीकर बनी। 14 चुनावों में से 11 बार कांग्रेस जीती। 2013 में यहां भाजपा दूसरे स्थान पर रही।

सीकर/दातारामगढ़: जनसंघ से शेखावत जीते, 8 बार कांग्रेस

सीकर की दातारामगढ़ सीट पर पहले चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत जनसंघ प्रत्याशी के रूप जीते। भाजपा का कोई प्रत्याशी अब तक नहीं जीता। 14 चुनावों में 8 बार कांग्रेस जीती। 2013 में कांग्रेस के नारायण सिंह जीते।

फतेहपुर: 13 में से बस 1 ही बार जीत पाई भाजपा

सीकर जिले की फतेहपुर सीट पर 1957 के बाद हुए चुनावों में जनसंघ कभी नहीं जीता। भाजपा भी वर्ष 1993 में ही जीत पाई। 13 चुनावों में 6 बार कांग्रेस विजयी हुई। 2013 में निर्दलीय नंदकिशोर महरिया जीते।

लक्ष्मणगढ़: बस 1 बार जीती भाजपा, 9 जीत कांग्रेस की

सीकर की लक्ष्मणगढ़ सीट पर जनसंघ कभी नहीं जीता, भाजपा एक बार ही जीत पाई। 13 चुनावों में से 9 बार कांग्रेस, 2 बार स्वतंत्र पार्टी , 1-1 बार लोकदल और भाजपा जीते। कांग्रेस के गोविंद सिंह डोटासरा अभी विधायक हैं।

चूरू/सरदारशहर: दो दशक बाद मिली दूसरी जीत, 9 बार कांग्रेस जीती

चूरू जिले की सरदारशहर सीट पर भाजपा को शुरुआती दौर में ही सफलता मिली लेकिन दोबारा जीतने के लिए दो दशक से भी अधिक समय का इंतजार करना पड़ा। भाजपा यहां 1980 में जीती लेकिन भाजपा के विधायक की मृत्यु के बाद 1982 में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने वापस इस सीट पर कब्जा कर लिया। इसके बाद यहां से भाजपा 2008 में ही जीत पाई। 16 चुनावों में 9 बार कांग्रेस, 2 बार भाजपा और जनता दल, एक-एक बार निर्दलीय, जनता पार्टी , लोकदल विजयी हुए। वर्ष 2013 में यहां से कांग्रेस के भंवरलाल शर्मा जीते।

सादुलपुर: 2 जीत सिर्फ कस्वां परिवार की, 11 बार हार

चूरू जिले की सादुलपुर सीट से भाजपा दो बार विजयी हुई और दोनों बार ही जीत का सेहरा कस्वां परिवार सिर ही बंधा। यहां उपचुनाव समेत हुए 13 चुनावों में से 8 बार कांग्रेस , 2 बार भाजपा , एक-एक बार जनता पार्टी , निर्दलीय और बसपा जीती। वर्ष 2013 में यहां से बसपा के मनोज कुमार जीते और भाजपा दूसरे स्थान पर रही।

शेखावाटी की स्थिति
50,72,027 कुल मतदाता
21 कुल सीट