
राजस्थान पंचायत चुनाव। फोटो: एआई
जयपुर। राजस्थान सरकार ने जिला परिषद सदस्यों, प्रधान, पंचायत समिति सदस्यों, सरंपच और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी की नई तारीखें तय कर दी हैं। जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य, प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों के लिए आरक्षण लॉटरी अब अगले माह 17 सितंबर को निकाली जाएगी। जबकि उपखंड स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच के आरक्षण की लॉटरी 18 सितंबर को निकाली जाएगी। वहीं, 309 निकायों के 10,245 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी आज निकाली जाएगी।
पहले लॉटरी 17 और 18 अगस्त को निकाला जाना प्रस्तावित था। अचानक लॉटरी की तिथि बदलने से पंचायतीराज संस्थाओं के आरक्षण की लॉटरी करीब एक माह आगे खिसकने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्र में आचार संहिता लागू होने को लेकर भी नई अटकलें शुरू हो गई है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 13 अगस्त को जिला प्रमुख पदों के आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव द्वितीय चरण में संभावित होने के कारण जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य और प्रधान पद तथा उपखंड स्तर पर सरपंच एवं वार्ड पंच के आरक्षण की लॉटरी की तारीखें निर्धारित की गई है।
यदि नगरीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव अलग-अलग चरण में होते हैं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में नगरीय निकाय चुनाव के साथ ही आचार संहिता लागू नहीं होगी। ऐसी स्थिति में पंचायत क्षेत्रों में विकास कार्यों की रफ्तार पर चुनावी बंदिशों का तत्काल असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्र में आचार संहिता कब और किस स्तर पर लागू होगी, यह स्थिति राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी होने वाले अंतिम चुनाव कार्यक्रम के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
पंचायतीराज विभाग ने अचानक एक दिन पहले पंचायतीराज संस्थाओं के वार्डों की लॉटरी को 1 महीने आगे खिसकाने के पीछे कोई ठोस कारण नहीं बताया है। लॉटरी स्थगित करने को लेकर पंचायतीराज विभाग के आदेश में हाईकोर्ट के नवंबर तक पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव करवाने के फैसले की पालना करने के संकल्प का हवाला दिया है। पंचायतीराज विभाग के आदेश में पंचायतीराज चुनाव शहरी निकायों के बाद दूसरे फेज में होने की संभावना का हवाला दिया है। एक तरफ विभाग ने हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करने की बात कही है, दूसरी तरफ पंचायतीराज चुनाव दूसरे फेज में होने की संभावना के कारण लॉटरी को एक महीने आगे खिसकाया है।
राज्य की 309 निकायों के 10,245 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी सोमवार को निकाली जाएगी। निकायों के चुनाव पहले चरण में होंगे। आरक्षण का निर्धारण होते ही भाजपा और कांग्रेस में टिकट के दावेदारों का गणित बदल जाएगा। जिन वार्डों में आरक्षण की स्थिति बदलेगी, वहां कई निवर्तमान पार्षदों और संभावित प्रत्याशियों को नए वार्ड तलाशने पड़ सकते हैं, जबकि लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे नए चेहरों के लिए भी मौका बन सकता है।
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Updated on:
17 Aug 2026 07:55 am
Published on:
17 Aug 2026 07:52 am
