
जयपुर . राजस्थान पत्रिका ने चेंजमेकर नायक मुहिम शुरू की है जिसके जरिए अच्छे और साफ सुथरी छवि वाले लोग राजनीति में सक्रिय होंगे। राजनीति के शुद्धीकरण के लिए जो महाअभियान चलाया है वो वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अत्यंत आवश्यक था। बल्कि ऐसा अभियान बहुत पहले चलाया गया होता तो अब तक उसके सकारात्मक परिणाम आने लग जाते।
पत्रिका का ये अभियान आमजन की भावनाओं से जुड़ा है और जो लोग चाहते हैं कि राजनीति में बदलाव में आए उन्हें इस अभियान से स्वयं को तो जुडऩा ही चाहिए साथ ही अन्य लोगों को भी इससे जुडऩे के लिए प्रेरित करें। इसके लिए युवावर्ग आजकल सोशल मीडिया से प्रेरित है इसलिए सभी सोशल साइट्स पर भी इस अभियान का प्रचार-प्रसार करना चाहिए।
पत्रिका के चेंज मेकर अभियान के तहत शनिवार मानसरोवर में हुए टॉक शो में राजनीति पार्टियों के नेता भी पधारे तो उन्होंने भी साफ कहा कि दल कोई भी हो अपराधियों को टिकट देने की प्रवृति बदलनी होगी। दलों में धनबल, जाति या आरक्षण का फायदा उठाकर पैराशुटी नेताओं को वो लोग समर्थन नहीं करेंगे। शिक्षित, मेहनती और समर्पित कार्यकर्ताओं को ही टिकट को देना होगा।
वर्तमान में चाहे दल कोई भी हो उसमें ऐसे लोग शामिल हैं जिनका बैकग्राउंड क्रिमिनल है। ऐसे लोगों पर संगीन आरोप लगे हैं और एकाधिक मामले दर्ज हैं। लेकिन पार्टियां फिर भी उन्हें चुनाव में टिकट देती है और वे जीत कर भी आते हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को टिकट देना बंद कर दें। इसका फायदा ये होगा कि ऐसे लोग भी चुनाव लडऩे से वंचित रहने के कारण स्वयं में सुधार की गुंजाइश खेजने लगेंगे। इसलिए अब ये आवश्यक हो गया है कि किसी भी दागी को वोट करें ही नहीं यदि सभी एक जैसे हों तो नोटा बटन का इस्तेेमाल करें। साथ ही मतदाताओं को चाहिए कि वे किसी पार्टी विशेष को नहीं बल्कि प्रत्याशी का चरित्र, संस्कार और शिक्षा देख उसे वोट करें जिससे वो उनका कुछ भला कर सके। यह तभी संभव होगा जब ईमानदार और पढ़े-लिखे लोग पॉलीटिक्स में आएंगे।
राजनीति में बदलाव की शुरुआत स्वयं से करनी होगी उसके बाद ही अन्य लोगों को बदलाव का पाठ पढ़ाया जा सकता है। क्योंकि यह भी संभव है कि व्यक्ति पहले ईमानदार हो लेकिन सत्ता और पार्टी संभालते ही उसमें भ्रष्टाचार का बीजारोपण हो जाए। ऐसे में पहले स्वयं को सुधरना होगा उसके बाद ही अन्य लोगों को सुधरने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
वहीं बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों ने कहा कि भावी नेताओं को पत्रिका के जरिए यह बदलाव आया है तो यह देश की राजनीति में बदलाव की निशानी है। इस दौरान लोगों ने राजनीति में बदलाव की शपथ भी ली।
ये लोग रहे मौजूद
पुष्पेंद्र भारद्वाज, भगवान कृष्ण शर्मा, अरूणा टांक, बंशीधर शर्मा, राजेन्द्र कुमार सेठी, समुंदर सिंह शेखावत, पप्पू बैरवा, पूरण निवासी, राधे कटारा, महेश शर्मा, बंशी चौधरी और आशासिंह राठौड़।
Published on:
21 Apr 2018 01:56 pm
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