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सियासी घमासान: राजस्थान में CM को लेकर फिर हलचल तेज, अध्यक्ष चुनाव से पहले फिर आएंगे पर्यवेक्षक!

राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहे सियासी घमासान के कुछ दिन की शांति के बाद फिर तेज होने की संभावना बन रही है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले ही पर्यवेक्षक राजस्थान के दौरे पर आ सकते हैं।
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जयपुर

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Santosh Trivedi

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Updated: 7 Oct 2022, 10:40 AM IST

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहे सियासी घमासान के कुछ दिन की शांति के बाद फिर तेज होने की संभावना बन रही है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले ही पर्यवेक्षक राजस्थान के दौरे पर आ सकते हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद राष्ट्रीय महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और सोनिया गांधी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल राहुल गांधी से मुलाकात के लिए कर्नाटक चले गए थे। इससे सियासी घमासान कुछ दिनों से शांत था। लेकिन अब उनके लौटने के बाद राजस्थान में फेरबदल को लेकर फिर तीन-चार दिन में कवायद तेज हो सकती है। अभी पायलट दिल्ली में जमे हैं, तो मुख्यमंत्री गहलोत प्रदेश में दौरे कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पद के फेरबदल को लेकर जल्द प्रदेश के दौरे पर कांग्रेस आलाकमान की ओर से पर्यवेक्षक भेजने को लेकर वरिष्ठ नेता के नाम को लेकर कवायद की जा रही है। पहले प्रदेश प्रभारी अजय माकन के साथ वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे आए थे। लेकिन अब खड़गे के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लड़े जाने के चलते अन्य किसी वरिष्ठ नेता को माकन के साथ भेजा जा सकता है।

कांग्रेस अनुशासन कार्रवाई समिति ने सरकारी मुख्य सचेतक और जलदाय मंत्री महेश जोशी को विधायक दल की समानांतर बैठक बुलाने के मामले में दोबारा नोटिस जारी किया है। तीनों नेताओं को दिए गए नोटिस के जवाब की समयावधि शुक्रवार को पूरी हो रही है। समिति ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल, आरटीडीसी के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ व महेश जोशी को गत 27 सितम्बर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

यह नोटिस सोशल मीडिया के जरिए तत्काल सार्वजनिक भी हो गए थे। अनुशासन समिति नोटिस जारी होने के अगले दिन से दस दिन की गणना की है इसके तहत तीनों नेताओं का जवाब शुक्रवार तक नहीं मिला तो पार्टी एकतरफा कार्रवाई कर सकती है। इस बीच मुख्य सचेतक जोशी ने दावा किया कि उन्हें आधिकारिक तौर पर गुरुवार को ही नोटिस मिला है। कांग्रेस महासचिव व अनुशासन समिति के सचिव तारिक अनवर ने ‘पत्रिका’ को बताया कि जोशी गलत ई-मेल का जिक्र कर रहे थे। इसलिए उन्हें दोबारा नोटिस भेजा गया है। हालांकि उन्हें भी शुक्रवार तक ही जवाब पेश करना होगा।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद आलाकमान ने नए मुख्यमंत्री चुनने के लिए 25 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास में विधायक दल की बैठक बुलाई थी। गहलोत गुट के विधायकों ने आलाकमान के निर्देशों के विपरीत जाकर संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के निवास पर बैठक की। सामानांतर बैठक करने और अधिकृत बैठक का बहिष्कार करने के मामले में पार्टी पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खडग़े व प्रदेश प्रभारी महासचिव अजय माकन ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखित रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद अनुशासन कार्रवाई समिति ने अपनी कार्रवाई शुरू की।

गहलोत-पायलट की 29 सितंबर को सोनिया गांधी से नई दिल्ली में अलग-अलग मुलाकात हुई थी। इसके बाद माकन ने दो दिन में मुख्यमंत्री पद का फैसला होने की बात कही थी। लेकिन उनके राहुल से मुलाकात के लिए जाने के चलते मामला कुछ दिन टल गया था। अब माकन के साथ ही सोनिया गांधी भी राहुल से मिल चुकी हैं। माना जा रहा है कि सोनिया-राहुल और के.सी. वेणुगोपाल की राजस्थान के सियासी घटना₹म को लेकर भी चर्चा हुई होगी। ऐसे में जल्द राजस्थान के सियासी घमासान को शांत करने को लेकर आलाकमान को कोई बड़ा निर्णय कर सकता है।