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राजस्थान में हर दिन 9500 टन खाना हो रहा बर्बाद: जयपुर नंबर-1 पर, जानिए किस शहर में कितना भोजन फेंका जा रहा?

देश में 14.25 करोड़ लोग कुपोषण के शिकार हैं, वहीं राजस्थान में रोजाना 9490 मीट्रिक टन (करीब 9500 टन) भोजन बर्बाद हो रहा है। शादी-पार्टियों में सबसे ज्यादा खाना फेंका जाता है। प्रदेश के 10 बड़े शहरों में जयपुर 110 टन प्रतिदिन के साथ सबसे आगे है। जोधपुर में 75 टन, कोटा में 60, उदयपुर में 50 और अजमेर में 45 टन भोजन रोज कचरे में जाता है।
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जयपुर

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Arvind Rao

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सक्षम अग्रवाल

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Sep 29, 2026

food waste in rajasthan

Food Waste in Rajasthan (Photo-AI)

-सक्षम अग्रवाल

Food Waste in Rajasthan: भारत अन्न उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर है, लेकिन आज भी बड़ी आबादी भरपेट भोजन से वंचित है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, भारत में करीब 14.25 करोड़ लोग अल्पपोषण के शिकार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर साल घरों में करीब 7.82 करोड़ टन खाना बर्बाद होता है। यानी देश में हर व्यक्ति सालभर में करीब 55 किलो खाना फेंक देता है।

राजस्थान में भी स्थिति कम चिंताजनक नहीं है। यहां हर दिन करीब 9490 मीट्रिक टन भोजन बर्बाद हो रहा है। सबसे ज्यादा बर्बादी शादी, पार्टी और बड़े आयोजनों में होती है। यह बर्बादी सिर्फ विवेकपूर्ण इस्तेमाल और बेहतर प्लानिंग से रोकी जा सकती है। साथ ही, बर्बाद होने वाली खाद्य सामग्री से लाखों-करोड़ों लोगों की भूख मिटाई जा सकती है।

बर्बादी सिर्फ घरों में नहीं

भोजन की बर्बादी सिर्फ घरों में नहीं होती। खेत से बाजार और बाजार से घर तक पहुंचने के दौरान भी बड़ी मात्रा में अनाज, फल, सब्जियां और दूसरी खाद्य सामग्री खराब हो जाती है। यूएनईपी फूड वेस्ट इंडेक्स और डब्ल्यूआरआई इंडिया रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भंडारण, ढुलाई और दूसरी प्रक्रियाओं में करीब 6.89 करोड़ टन खाद्य सामग्री का नुकसान होता है। इसकी कीमत करीब 1.53 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है। वर्ष 2025 में देश में कुल 7.75 करोड़ टन खाद्य सामग्री बर्बाद हुई। यह प्रति व्यक्ति करीब 55 किलोग्राम खाद्य सामग्री के बराबर है।

भोजन बचाने और बांटने वाले 'फरिश्ते'

रिफूड इंडिया और अन्नक्षेत्र ट्रस्ट: जयपुर-जोधपुर जैसे बड़े शहरों में ये संस्थाएं समारोहों के बाद बचा हुआ खाना जरूरतमंदों तक पहुंचाती हैं।

रोटी बैंक मूवमेंट: कोटा, अजमेर और उदयपुर में स्थानीय युवाओं की टोलियां घरों और आयोजनों से भोजन एकत्र कर जरूरतमंदों को वितरित करती हैं।

सामुदायिक जागरूकता अभियान: इन अभियानों के तहत विवाह स्थलों पर बोर्ड लगवाए जाते हैं 'प्लेट में उतना ही लें, जितना खा सकें।'

राजस्थान के प्रमुख शहरों में भोजन की बर्बादी

क्रमशहरभोजन की बर्बादी
1जयपुर110 टन
2जोधपुर75 टन
3कोटा60 टन
4उदयपुर50 टन
5अजमेर45 टन
6अलवर35 टन
7भीलवाड़ा30 टन
8सीकर25 टन
9भरतपुर20 टन

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