
मृतक रोहित सैनी। पत्रिका फाइल फोटो
कानोता/चौमूं। आगरा हाईवे पर कानोता थाना क्षेत्र में रुपए के लेनदेन को लेकर हुए विवाद में चौमूं के दुल्हासिंह की ढाणी निवासी रोहित सैनी की हत्या का मामला सामने आया है। मृतक के भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद चौमूं क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग कानोता थाने पहुंचे और थाने के बाहर करीब दो घंटे धरना प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद लोग शांत हुए।
जयपुर के कानोता पुलिस थाने में दर्ज रिपोर्ट में दुल्हासिंह की ढाणी निवासी अशोक सैनी ने बताया कि उसका भाई रोहित सैनी जयपुर निवासी नरेश अग्रवाल के पास वाहन चालक का काम करता था। आरोप है कि काम के कुछ रुपए बकाया होने के कारण रोहित लगातार भुगतान की मांग कर रहा था। 27 सितंबर की शाम रोहित परिचित सुरेन्द्र, दीपा, राजेश और सुनील के साथ बालाजी ईंट भट्ठे के पास मिला। वहां रुपए के भुगतान को लेकर बातचीत के दौरान विवाद हो गया। रिपोर्ट के अनुसार देर रात सुरेन्द्र ने रोहित को फोन कर कानोता पुलिया के पास पेट्रोल पम्प पर बुलाया। रात करीब ढाई बजे रोहित और उसका साथी सुनील मोटरसाइकिल से वहां पहुंचे।
आरोप है कि वहां पहले से मौजूद सुरेन्द्र, दीपा और राजेश ने दोनों के साथ मारपीट की। सुरेन्द्र ने डंडे से रोहित के सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद तीनों ने रोहित और सुनील पर कार चढ़ा दी। हादसे में दोनों गंभीर घायल हो गए। उन्हें एम्बुलेंस से एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने रोहित को मृत घोषित कर दिया। सुनील के पैर, पीठ और हाथ में चोटें आई हैं।
रिपोर्ट में बताया कि घायल सुनील ने रात करीब 3 बजे पुलिस हेल्पलाइन 100 पर कॉल करने का प्रयास किया, लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं हो सका। बाद में घटनास्थल के पास चाय की दुकान संचालक ने सूचना दी, जिसके बाद एम्बुलेंस बुलाई गई। रोहित को एसएमएस अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
कानोता थानाप्रभारी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में आरोपी और मृतक के प्रॉपर्टी का काम करने की बात सामने आई है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल पर जांच की है। नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रोहित दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। उसके पिता बाबूलाल सैनी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार रात शव चौमूं लाकर उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार किया जाएगा।
घटना की सूचना पर चौमूं से परिजन, ग्रामीण और जनप्रतिनिधि एसएमएस अस्पताल पहुंचे। इनमें पूर्व विधायक रामलाल शर्मा, रालोपा नेता छुट्टन यादव, कांग्रेस नेता शैलेन्द्र चौधरी, पार्षद अमित सैनी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मेघराज चौधरी और एडवोकेट सुरेश गोदारा सहित अन्य लोग शामिल थे। मृतक की शिनाख्त के बाद सभी कानोता थाने पहुंचे और धरना देकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच व परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
Updated on:
29 Sept 2026 08:10 am
Published on:
29 Sept 2026 08:10 am
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