
लाल निशान लगाने के दौरान मौके पर जुटे लोग (पत्रिका फोटो)
Jaipur New Sanganer Road Red Mark: राजधानी जयपुर में न्यू सांगानेर रोड पर जेडीए की ओर से लगाए गए लाल निशान के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों में दहशत का माहौल है। प्रभावित व्यापारियों ने अब इस मामले को कानूनी तरीके से लड़ने का फैसला किया है। सोमवार शाम हुई व्यापार मंडल की बैठक में व्यापारियों ने एकजुट होकर जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की बात कही।
न्यू सांगानेर व्यापार मंडल के संरक्षक पवन शर्मा ने कहा कि सभी व्यापारी एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि अपने प्रतिष्ठानों और घरों को बचाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से यहां कारोबार कर रहे लोगों के सामने अब रोजी-रोटी और घर बचाने का संकट खड़ा हो गया है।
इधर, कोर्ट के आदेश के बाद जिन प्रतिष्ठानों और मकानों को जेडीए की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं, वहां कार्रवाई को लेकर पहले दिन कोई प्रभावित व्यक्ति के पास जेडीए की टीम नहीं पहुंची। जेडीए प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों के अनुसार प्रभावित लोगों को अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। दस्तावेजों का परीक्षण कराने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारियों को वैशाली नगर के गांधी पथ और सिरसी रोड के मामलों से भी राहत की उम्मीद है। गांधी पथ पर जेडीए ने सड़क को मास्टरप्लान के अनुरूप करने की प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए थे। इस मामले में व्यापारियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी।
इसी तरह सिरसी रोड पर जेडीए के नोटिस और कार्रवाई के बीच व्यापारियों ने मुख्य सड़क की सीमा में आ रहे निर्माण खुद हटाना शुरू कर दिए थे। जेडीए की कार्रवाई से ठीक पहले व्यापारियों को राहत मिली थी। इन दोनों मामलों का हवाला देते हुए न्यू सांगानेर रोड के व्यापारी भी कानूनी राहत की उम्मीद जता रहे हैं।
राजस्थान कांग्रेस कमेटी के सचिव गिरिराज खंडेलवाल ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान और उसकी पालना आवश्यक है, लेकिन मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखना भी सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कई व्यापारी और परिवार दशकों से न्यू सांगानेर रोड पर अपना कारोबार चला रहे हैं। यदि मास्टरप्लान के अनुरूप सड़क की चौड़ाई की जाती है तो बड़ी संख्या में लोगों के घर और व्यापार प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन को प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करनी चाहिए।
Updated on:
29 Sept 2026 07:29 am
Published on:
29 Sept 2026 07:28 am
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