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Rajendra Rathore बोले, ‘Sachin Pilot का बयान चिकित्सा मंत्री के त्यागपत्र का इशारा’

Rajendra Rathore ने कहा कि उप मुख्यमंत्री का शिशुओं की असामयिक मृत्यु पर जवाबदेही निर्धारण की बात स्वत: ही चिकित्सा मंत्री को त्याग पत्र देने की ओर इशारा है तथा सरकारी तंत्र की विफलता को उजागर करता है।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 5 Jan 2020, 12:44 PM IST

Rajendra Rathore on Sachin Pilot statement over Kota issue

जयपुर।

कोटा में शिशुओं की मौत मामले ( Kota Infant Deaths ) में भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर चौतरफा हमला बोला है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) के जवाबदेही तय करने बयान के बाद उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड ( Rajendra Rathore ) ने कहा कि सत्ता में बैठी कांग्रेस सरकार की नींद आखिर आलाकमान की फटकार के बाद टूटी है। राठौड़ ने यहां तक कहा कि उप मुख्यमंत्री का शिशुओं की असामयिक मृत्यु पर जवाबदेही निर्धारण की बात स्वत: ही चिकित्सा मंत्री ( Raghu Sharma ) को त्याग पत्र देने की ओर इशारा है तथा सरकारी तंत्र की विफलता को उजागर करता है।


राठौड़ ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी का आभार जताते हुए कहा कि कांग्रेस को शासन में लाने के लिए जी-तोड़ मेहनत करने वाले सचिन पायलट ने कोटा का दौरा किया है। पायलट का यह कहना कि इस मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए थी, बिल्कुल सही है। जवाबदेही पहले तय हो जाती तो इतना बवाल नहीं होता।


राठौड़ ने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता के कारण चिकित्सा व्यवस्था चरमराई हुई है। कोटा के बाद बूंदी, जोधपुर और अलवर में शिशुओं की मौत राजस्थान की सरकार पर कलंक है। सरकार की संवेदनहीनता के कारण सोनिया गांधी ने सचिन पायलट को मामले की वस्तु स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के लिए कोटा भेजा। पायलट का यह स्वीकार करना कि शिशुओं की मृत्यु किन संसाधनों की कमी के कारण हुई इसकी भी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, सरकार की अकर्मण्यता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है।


राठौड़ ने कहा कि राज्य के चिकित्सा विभाग सहित जनता से जुड़ा हर विभाग कांग्रेस की गंभीर गुटबंदी का शिकार है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण राज्य के चिकित्सा मंत्री व यातायात मंत्री के कोटा दौरे और 24 घंटे में उप मुख्यमंत्री सहित खाद्य मंत्री व सहकारिता मंत्री के दौरे से स्वत: स्पष्ट होता है। इस आपसी खींचतान का खामियाजा प्रदेश की आम जनता को उठाना पड़ रहा है।


गहलोत के बयान को बताया शर्मनाक
वहीं राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से नागरिकता संशोधन कानून लागू होने पर रूस और पाकिस्तान की तरह भारत के टुकड़े होने के बयान को शर्मनाक बताया।

पूनिया बोले, ये कैसे बयान दे रहे गहलोत?
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि मुख्यमंत्री का देश के टुकड़े-टुकड़े होने संबंधी बयान निंदनीय है। यह आतंक और अलगाववाद का ही समर्थन है। ऐसे बयान संविधान, कानून, लोकतंत्र, देश और विस्थापितों की भावनाओं से खिलवाड़ करने जैसे हैं। मुख्यमंत्री पाकिस्तान की तरह भाषा बोल रहे हैं।


पुस्तक पर प्रतिबंध लगे : देवनानी
कांग्रेस सेवादल की ओर से वितरित 'वीर सावरकर कितने वीर' पुस्तक पर पूर्व शिक्षा मंत्री एवं अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की है। देवनानी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सेवादल हिंदुस्तानियों की आस्था के केंद्रों को योजनाबद्ध तरीके से बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।