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राजस्थान सिविल सर्विस की तैयारी करने वालों के अब पार लगाएगी ‘भगवद्गीता‘, आज से शुरु कर दें पढऩा

बदले हुए पाठ्यक्रम के अन्तर्गत दूसरे पेपर में जीके और जनलर स्टडीज़ के 'प्रशासन और प्रबंधन में भगवद्गीता का रोल' नाम से भी एक यूनिट होगी...
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जयपुर

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Dinesh Saini

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Updated: 16 Apr 2018, 3:33 PM IST

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जयपुर। आप अगर राजस्थान सिविल सर्विस की तैयारी में जुटे हैं तो ‘भगवदगीता‘ पढऩा मत भूलिए। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने 2018 की प्रशासनिक परीक्षा के लिए पाठ्यक्रम में बदलाव करते हुए सामान्य ज्ञान और जनरल स्टडी के लिए 'नीति शास्त्र' नाम से नई यूनिट को जोड़ा है। इस यूनिट में भगवद्गीता और महात्मा गांधी के जीवन से प्रबंधन शिक्षा शामिल रहेगी।

इस नाम से भी होगी यूनिट
इस बदले हुए पाठ्यक्रम में नेशनल आइकन, समाज सुधारक और प्रशासनिक अधिकारियों के जीवन चित्र भी शामिल किया गया हैं। राजस्थान प्रशासनिक सेवा 2018 के बदले हुए पाठ्यक्रम के अन्तर्गत दूसरे पेपर में जीके और जनलर स्टडीज़ के 'प्रशासन और प्रबंधन में भगवद्गीता का रोल' नाम से भी एक यूनिट होगी। इस पेपर में कुल 3 यूनिट होगी। भगवद्गीता में महाभारत की लड़ाई के दौरान भगवान कृष्ण और अर्जुन के बीच हुई बातचीत के 18 अध्याय हैं, ऐसे में परीक्षा में सवाल यहीं से पूछे जाएंगे।

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बदलाव का मकसद
राजस्थान लोक सेवा आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, 'इस बदलाव का मकसद स्टूडेंट्स को किताब में आए प्रशासनिक और मैनेजमेंट शिक्षा से अवगत कराना है। सभी अध्यायों का ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थी 100 प्रतिशत तक नंबर पा सकते हैं। इससे अभ्यर्थियों को प्रशासनिक अधिकारी निर्णय लेने में आसानी रहेगी।

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राजस्थान विश्वविद्यालय से मिला बदलाव का विचार
हालांकि पाठ्यक्रम में किन महापुरुषों के जीवन प्रसंगों को शामिल किया जाएगा इसे लेकर अधिकारियों ने कोई जानकारी नहीं दी। रिपोर्ट की मानें तो ऐसे पाठ्यक्रम में धार्मिक चरित्रों को शामिल किया जा सकता है। वैसे अधिकारी के अनुसार, आरपीएससी को पाठ्यक्रम में बदलाव का विचार राजस्थान विश्वविद्यालय से मिला। उसने भगवद्गीता, रामायण और अर्थशास्त्र में दी गई प्रबंधन शिक्षा को कॉमर्स और मैनेजमेंट कॉलेजों के कोर्स में शामिल किया है।