
निर्यात मांग से लालमिर्च महंगी, इस साल पैदावार कम
Red Chilli: निर्यात मांग निकलने और कमजोर स्टॉक के चलते लालमिर्च के दामों में तेजी का रूख बना हुआ है। पिछले बीस दिनों में लालमिर्च के दाम 50 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। जयपुर मंडी में तेजा लालमिर्च के भाव 260 रुपए तथा तेजा पत्ता 170 रुपए प्रति किलो पर मजबूती लिए हुए है। गुंटूर डीडी मिर्च भी 260 रुपए प्रति किलो के आसपास थोक में बेची जा रही है। मध्य प्रदेश में लालमिर्च की पैदावार इस बार 15 लाख बोरी कम आई थी। कर्नाटक में भी पिछले साल के मुकाबले लालमिर्च की फसल 50 फीसदी कम बताई जा रही है। इसे देखते हुए भविष्य में लालमिर्च में मजबूती बनी रहने के आसार हैं। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे देश के प्रमुख लालमिर्च उत्पादक राज्यों में लालमिर्च की आवक में हाल ही में आई कमी के बाद मिर्च में तेजी का रुख बना है। इस साल आंध्र प्रदेश की गुंटूर मंडी में सवा लाख बोरी मिर्च की आवक होने के समाचार हैं।
आवक के बावजूद बढ़ रहे है दाम
इस बार लालमिर्च की नई फसल शुरू होने के बाद भी हाजिर में मिर्च की कीमतों में तेजी बनी हुई है। सीजन के प्रारंभ से लेकर अभी तक किसानों द्वारा भारी बिकवाली किए जाने के बावजूद मिर्च की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। मसाला कारोबारी रामअवतार अग्रवाल ने कहा कि स्टॉकिस्टों तथा निर्यातकों का लिवाली समर्थन मिलने से लालमिर्च के भाव उछल गए हैं। चालू सीजन के दौरान लालमिर्च की नई फसल का उत्पादन भी अब बेहतर होने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। इससे पूर्व मध्य प्रदेश में लालमिर्च की फसल सामान्य की तुलना में करीब दो सप्ताह की देरी से शुरू हुई थी। इतना ही नहीं, मानसून सीजन और इसके बाद हुई भारी बारिश के कारण बीते सीजन में मध्य प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन करीब 15 लाख बोरी कम हुआ है। यही वजह है कि लालमिर्च का भविष्य फिलहाल मजबूती का ही बना रहेगा।
Published on:
20 Mar 2023 01:52 pm
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