
Rajasthan Congress : जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नरेट के पास विरोध प्रदर्शन किया। फोटो - ANI
Rajasthan Congress: दिल्ली में वोट चोरी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ता रितु बराला के साथ कथित मारपीट मामले में जीरो नंबर एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में 28 घंटे से अधिक समय से डेरा जमाए रखा है। सोमवार शाम करीब सवा छह बजे शुरू हुआ धरना मंगलवार रात तक जारी था। कमिश्नरेट के अंदर करीब सौ नेता-कार्यकर्ता मौजूद रहे, जबकि बाहर दोनों गेटों पर भी प्रदर्शन चलता रहा। मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई विधायक और वरिष्ठ नेता धरने में शामिल हुए। इस दौरान गेट पर चढ़ने और टेंट लगाने की कोशिश पर पुलिस ने दो बार हल्का बल प्रयोग किया। अंदर और बाहर दिनभर नारेबाजी होती रही। पुलिस को सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभालने में मशक्कत करनी पड़ी।
कांग्रेस नेता एफआईआर दर्ज करने के संबंध में पुलिस अधिकारियों से जवाब मिलने तक कमिश्नरेट नहीं छोड़ने पर अड़े रहे। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल डीजीपी और पुलिस कमिश्नर के निवास पर भी भेजा गया, लेकिन न कोई मिलने आया और न ही मिलने का समय दिया गया।
कमिश्नरेट के अंदर मंगलवार दोपहर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई विधायक और वरिष्ठ नेता भी पहुंच गए। शाम तक अंदर करीब सौ नेता-कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने दिनभर धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की और इसे सोशल मीडिया पर लाइव भी किया। डोटासरा ने नारा लगाया, 'जयपुर पुलिस कमिश्नर कहां मिलेंगे?' इस पर कांग्रेस नेताओं ने जवाब दिया, 'भाजपा के बाड़े में।'
कमिश्नरेट के दोनों गेट मंगलवार को बंद रहे। इसके बाद कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स हटाकर परिसर में प्रवेश करने के लिए गेट पर चढ़ने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें गेट से दूर किया। फिर टेंट हटाने के लिए पुलिस ने दूसरी बार हल्का बल प्रयोग किया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बावजूद प्रदर्शन जारी रहने पर प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए कार्रवाई की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर उन्हें बसों में बैठाकर दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि दिल्ली में प्रदर्शन के बाद 13 अक्टूबर को रितु बराला की शिकायत पर कनॉट प्लेस थाने में मुकदमा संख्या 291/2026 दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस ने उक्त मुकदमे में रितु बराला की शिकायत को मर्ज किया है। ऐसे में राजस्थान में जीरो एफआईआर दर्ज करने का कानूनी आधार नहीं बनता। केरल प्रकरण में भी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 19 अक्टूबर को मोती डूंगरी थाने में मिले परिवाद के संबंध में दिल्ली पुलिस से जानकारी मांगी गई थी। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में रिपोर्ट भी भेजी है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि वे न्याय की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेंगे। जयपुर पुलिस रितु की दिल्ली में दर्ज एफआईआर की रिपोर्ट दिखा दे तो वे हाथ जोड़कर चले जाएंगे। जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी, कांग्रेस नेता कमिश्नरेट में डटे रहेंगे।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि एफआईआर दर्ज करनी होगी। उनके मुताबिक, दिल्ली में कोई परिवाद दर्ज नहीं है। जूली ने सवाल उठाया कि यहां भी परिवाद दिया गया है तो उसे दर्ज क्यों नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि क्या भाजपा नियमों से ऊपर है।
मीडिया से बातचीत में रितु बराला ने कहा कि राजस्थान और दिल्ली पुलिस दबाव में काम कर रही हैं। इसी वजह से अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं होती है तो वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगी। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
दो दिन से धरने पर बैठे कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता अपने स्तर पर ही कमिश्नरेट में भोजन, नाश्ते और पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। रात में सोने के लिए गद्दे भी मंगवाए गए। इस प्रदर्शन में महिला नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद हैं। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि मंगलवार को 9 नंबर कमरे में स्थित बाथरूम भी बंद कर दिया गया।
Published on:
20 Oct 2026 10:44 pm
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