रालोपा इस बार पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में है। पार्टी ने 73 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए हैं और सांसद हनुमान बेनीवाल भी भाई नारायण बेनीवाल की जगह खुद खींवसर से चुनाव मैदान में उतरे हैं। आरएलपी ने इस बार आजाद समाज पार्टी के साथ गठबंधन किया है, ताकि प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस को बराबर की टक्कर दी जा सके। मगर चौधरी का अचानक पार्टी छोड़ना कई सवाल खड़ा कर रहा है। खासकर उनका सोशल मीडिया पर लिखा गया वाक्य भी चर्चा का विषय बना हुआ हैं। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर स्पर्धा चौधरी ने लिखा कि वो रालोपा की प्राथमिक सदस्यता का त्याग करतीं हैं, इसके कारण क्या रहे वो आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल बताएंगे, मैं नहीं। आपको बता दें कि स्पर्धा पूर्व में प्रदेश महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष रहीं और उसके बाद उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़ आरएलपी का दामन थामा। आरएलपी में वो महिला मोर्चे की अध्यक्ष भी बनी थी।