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Karnataka Election Campaign के बीच Satish Poonia के इस Video की क्यों हो रही है चर्चा?

Satish Poonia Karnataka Election Campaign - उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया का कर्नाटक प्रवास, दक्षिण भारतीय रंग में रंगे नज़र आ रहे पूनिया, लज़्ज़तदार व्यंजनों का लुत्फ़ उठाते वीडियो किया शेयर, बेंगलुरु ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार का सम्भाला है ज़िम्मा, चुनाव प्रबंधन का दारोमदार भी पूनिया के कंधों पर  
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 29 Apr 2023, 11:46 AM IST

Satish Poonia south indian look amidst Karnataka election campaign

जयपुर।

राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष डॉ सतीश पूनिया इन दिनों पूरी तरह से दक्षिण भारतीय रंग में रंगे नज़र आ रहे हैं। कर्नाटक चुनाव में भाजपा के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे पूनिया ने अपने प्रवास के दौरान का एक ताज़ा वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में वे दक्षिण भारतीय अंदाज़ में भोजन करते दिख रहे हैं।

शेयर किए गए वीडियो में वे टेबल-कुर्सी में बैठकर केले के पत्ते पर दक्षिण भारतीय व्यंजनों का लुत्फ़ उठाते दिख रहे हैं। इस दौरान पार्टी के अन्य नेता-कार्यकर्ता भी उनके साथ मौजूद हैं। इस वीडियो पोस्ट पर पूनिया ने लिखा, 'कोई भाषा सीखने का रास्ता भी भोजन से जाता है...'

गौरतलब है कि राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से उपनेता प्रतिपक्ष बनने के कुछ ही दिनों बाद केंद्रीय संगठन ने सतीश पूनिया को कर्नाटक चुनाव को लेकर ज़िम्मेदारी सौंपी थी। उन्हें बेंगलुरू में ग्रामीण विधानसभा सीटों पर प्रचार करने से लेकर चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी मिली हुई है।

वीडियो पर आ रहे ये कमेंट्स

उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया की ओर से शेयर किये गए वीडियो पर यूज़र्स की कई तरह की प्रतिक्रिया आईं। एक यूज़र ने लिखा, 'इसे ही कहते है भारत की विविधता में एकता। उत्तर और दक्षिण का ऐसा संगम कभी कभी ही देखने को मिलता है।' एक यूज़र ने लिखा, 'सही बात है जी, आपने बहुत जल्दी कन्नड़ सीख ली, आपको कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान कन्नड़ में संवाद करते देखा, We are surprised.

कई राज्यों में कर चुके हैं प्रचार

उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया फिलहाल बेंगलुरु ग्रामीण की किसान-ओबीसी बहुल सीटों के साथ ही प्रवासी राजस्थानी बहुल सीटों पर भी जमकर चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं। कर्नाटक से पहले वे गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनावों में भी प्रचार कर चुके हैं।

कर्नाटक चुनाव के बाद केंद्रीय संगठन उन्हें राजस्थान में क्या अन्य किसी ज़िम्मेदारी के साथ जोड़ता है इसे लेकर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है। याद दिला दें कि कर्नाटक में कुछ दिन बाद ही 10 मई को मतदान जबकि राजस्थान में इस वर्ष के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं।