जन सहयोग से विज्ञा ज्योति सेवा समिति उन्हें ये एक-एक रुपए में श्रवणबेलगोला की हवाई यात्रा कराएगी। समिति ने समूचे देश से जैन समाज के 108 वरिष्ठ नागरिकों को एक रुपए में श्रवणबेलगोला की स्वर्णिम हवाई यात्रा (सम्यक दर्शन) कराने के लिए चुना है। साध्वी रत्नविज्ञाश्री के सान्निध्य में यह यात्रा कराई जाएगी। सभी यात्री श्रवणबेलगोला में बाहुबली का मस्तकाभिषेक करेंगे। भगवान बाहुबली जैन धर्म के पहले तीर्थंकर ऋषभ देव हैं। जैन धर्म के अनुसार तीर्थंकर नामक एक प्रकार का पुण्यकर्म होता है। तीर्थंकर वह कहलाता है जो काम , क्रोध, लोभ, मोह और इर्ष्या आदि पर विजय प्राप्त की हो। भारतीय राज्य कर्नाटक के मड्या जिले में श्रवणबेलगोला के गोम्मटेश्वर स्थान पर स्थित महाबली बाहुबली की विशालकाय प्रतीमा जिसे देखने के लिए विश्व के कोने-कोने से लोग आते हैं। इस मूर्ति को बनाने में मूर्तिकार को लगभग 12 वर्ष लगे। बाहुबली को गोमटेश्वर भी कहा जाता था।