
Innovation: Farmers have come up with mobile app
जयपुर
साइबर फ्रॉड का बड़ा मामला सामने आया है जयपुर शहर से। एक हजार रुपए फोन पे के जरिए एक व्यक्ति ने दूसरे को भेजे, रुपए मिले नहीं तो गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च किया। जिसका नंबर आया उसने कहा कि हमे आपके रुपयों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए ही तो यहां बैठे हैं। पता चला कि एक लाख रुपए सुरक्षित तरीक से खाते से निकाल लिए गए।
साइबर फ्रॉड का यह केस कानोता थाने में दर्ज कराया गया है। कानोता पुलिस ने बताया कि हरमाड़ा निवासी विष्णु कुमार के खाते में यह फ्रॉड हुआ। विष्णु किसी काम से कानोता आए थे और एक होटल में आए थे। होटल में ऑन लाइन पेमेंट करने के लिए उन्होनें अपने किसी परिचित से एक हजार रुपए होटल के मैनेजर के खाते में ट्रांसफर करने को बोला।
परिचित ने रुपए भेज दिए लेकिन रुपए खाते में नहीं आए। बाद में विष्णु ने खाने का करीब साढ़े तीन सौ रुपए पेमेंट कर दिया। बाद में पता चला कि एक हजार रुपए दोस्त के खाते से कट गए लेकिन मैनेजर के पास नहीं आए। इस पर विष्णु ने अपने परिचित को कहा कि वह कस्टमर केयर पर फोन कर इस बारे में बातचीत करे और प्राब्लम सॉल्व करे। परिचित ने ऐसा ही किया।
उसने गूगल से नंबर लेकर फोन किया तो फोन पिक करने वाले ने खुद को कर्मचारी बताया और कहा कि आप जैसे लोगों की मदद करने और पैसा सुरक्षित पहुंचाने के लिए ही हम यहां बैठे हैं। बातों ही बातों में उसने ऐनी डेस्ट डाउलोड कराया और खातों की जानकारी जुटाकर एक लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। उसके बाद फोन काट दिया।
एक हजार रुपए का मामला सॉल्व हुआ नहीं कि एक लाख रुपए का नया मामला खड़ा हो गया। अब कानोता थाने में केस दर्ज कराया गया है। जिस नंबर से बातचीत हुई थी हमेशा की तरह वह बंद आ रहा है।
Published on:
22 Dec 2022, 1:43 PM IST
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