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शरीर को मजबूत बनाना है तो कीजिए ये तीन योगासन

आधुनिक जीवनशैली के चलते हमारा शरीर कमज़ोर पड़ता जा रहा है
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जयपुर

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Jyoti Patel

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Updated: 16 Jun 2018, 12:12 PM IST

yoga tips

शरीर को मजबूत बनाना है तो कीजिए ये तीन योगासन

जयपुर. आजकल की भागदौड़ भरी दिनचर्या में सेहत का ध्यान रख पाना एक चुनौती बन चुका है। आधुनिक जीवनशैली के चलते हमारा शरीर कमज़ोर पड़ता जा रहा है। ऐसे में हम कुछ सरल से योगासन करके अपने शरीर को मजबूती प्रदान कर सकते है।

वीरभद्रासन - इस आसान को करने के लिए बराबर जगह पर सीधे तनकर खड़े हो जाएं। दाएं पैर को दो से चार फीट आगे की ओर ले जाएं। दाएं पैर को घुटने की तरफ हल्का मोड़ें। ध्यान रहे बायां पैर सीधा होना चाहिए और तलवा जमीन से लगा होना चाहिए। सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर ले जाएं। दोनों हथेलियों को आपस में मिला लें। सिर को सीधा रखें और सामने देखें। कंधे को कान से दूर रखें। १५ से २० सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए सामान्य मुद्रा में आएं।

लाभ : शरीर ताकतवर बनता है। रोगों से लडऩे की क्षमता पैदा करता है। दिल स्वस्थ रहता है। नियमित करने से शरीर सुंदर व मजबूत दिखता है।

इन बातों पर दें ध्यान : जिन्हें कमर, कंधे, घुटनों में दर्द है उन्हें इस आसन को करने से बचना चाहिए। यह आसन योग विशेषज्ञ के निर्देशन में ही करें।

चतुरंग दंडासन - पेट के बल जमीन पर लेट जाएं। हाथों को आगे लाकर छाती के पास, कंधों से थोड़ा पहले जमीन पर टिका लें। अब हाथों पर वजन डालकर शरीर को ऊपर उठाने की कोशिश करें। पैर को अंगुलियों के बल टिका लें। अब ऊपर की ओर जाएं जब तक ९० डिग्री का कोण नहीं बन जाता। पीठ सीधी रखें। सारा वजन बाजू और कंधे पर नहीं होना चाहिए। सिर को शरीर की सीध में रखें। आगे की ओर देखें। ९० सेकंड से अधिक न करें।

लाभ : बाजुओं और कलाइयों को मजबूती मिलती है। कंधों में ताकत आती है। एब्स मजबूत बनते है।

ध्यान : कलाई, कोहनी और कंधे में चोट या दर्द है तो इसे नकरें।

त्रिकोणासन - इसे ट्रायंगल पोज कहते हैं। सबसे पहले खड़े हो जाएं और पैरों को थोड़ा दूर रखें। दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं। लंबी गहरी सांस लें। सांस छोड़ते हुए बाईं ओर झुकें। उल्टे हाथ से सीधे पैर के पंजे को छूने की कोशिश करें और सीधा हाथ ऊपर की ओर उठाएं। गर्दन को ऊपर की तरफ घुमाकर ऊपर वाले सीधे हाथ को देखें। सांस की गति को सामान्य रखना है। इसका अभ्यास दायां हाथ नीचे और बायां हाथ ऊपर रखें। चार से पांच बार कर सकते हैं।

लाभ : नियमित करने से शरीर की ताकत बढऩे के साथ उसमें कसावट आती है। पैरों और कूल्हे की हड्डियों के लिए ये आसन अच्छा है। इससे मजबूत होती है।

ध्यान : घुटनों, गर्दन में दर्द है तो इसे न करें। आसन जितना आसानी से हो सके उतना ही करें।