8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Video: बालक की मौत के बाद दूसरे दिन भी धरना रहा जारी

- विफल रही ग्रामीणों तथा प्रशासन, पुलिस व कंपनी अधिकारियों के बीच वार्ता
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जैसलमेर

•

image

Deepak Vyas

•

Updated: 29 Aug 2021, 8:50 PM IST

बालक की मौत के बाद दूसरे दिन भी धरना रहा जारी

बालक की मौत के बाद दूसरे दिन भी धरना रहा जारी


पोकरण. सांकड़ा थानाक्षेत्र के माधोपुरा गांव के पास शनिवार को अडाणी कंपनी के विद्युत टॉवर की चपेट में आने से एक बालक की हुई मौत को लेकर ग्रामीणों की ओर से सांकड़ा अस्पताल के बाहर किया जा रहा आंदोलन रविवार को देर शाम तक भी जारी रहा। हालांकि प्रशासन, पुलिस व अडाणी कंपनी के अधिकारियों की ओर से समझोते के प्रयास भी किए गए, लेकिन देर रात तक भी वार्ता सफल नहीं हो पाई। गौरतलब है कि शनिवार को दोपहर तीन बजे माधोपुरा निवासी सुरेन्द्रसिंह (15) पुत्र मेहताबसिंह माधोपुरा गांव से कुछ दूरी पर बकरियां चरा रहा था। इसी दौरान विद्युत टॉवर की चपेट में आने से उसे करंट लगा और झुलसकर नीचे गिर पड़ा। उसे तत्काल सांकड़ा के राजकीय अस्पताल लाया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसी हादसे को लेकर ग्रामीणों ने मृत बालक के शव का पोस्टमार्टम करवाने व शव लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी अधिकारियों की लापरवाही के कारण विद्युत पोल में करंट प्रवाहित हो रहा है। इससे बालक सुरेन्द्रसिंह की मौत हो गई तथा पूर्व में भी एक बालक रफीक पुत्र तमाचीखां भी गंभीर रूप से घायल हो चुका है। उन्होंने मोर्चरी के बाहर धरना व विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
धरना रहा जारी
विद्युत टॉवर की चपेट में आने से बालक की मौत की खबर रविवार सुबह तक आसपास क्षेत्र में पहुंच गई तथा सांकड़ा, माधोपुरा सहित आसपास क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल परिसर में एकत्रित हो गए और माहौल गर्मा गया। सांकड़ा के भोमसिंह, पंचायत समिति सांकड़ा के प्रधान भगवतसिंह तंवर, सरपंच गफूरखां माधोपुरा, पंचायत समिति सदस्य भीखसिंह, भाजपा नेता शैतानसिंह राठौड़, सांगसिंह भाटी, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष सांगसिंह गड़ी, सरपंच समंदरसिंह रामदेवरा, शिवदानसिंह नेड़ान, भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष हाथीसिंह मूलाना, भीखसिंह लूणा, रघुवीरसिंह ओला, विजयसिंह भैंसड़ा, राजूसिंह केलावा, नाथूसिंह चौक सहित आंदोलनकारियों के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रशासन, पुलिस व कंपनी के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। भाजपा नेता सांगसिंह ने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों पर कंपनी अधिकारियों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की ओर से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ दुव्र्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने ऐसे पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की। भाजपा नेता शैतानसिंह ने भी अधिकारियों पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।