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Video: सूचना और साइबर क्षेत्र में भी अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए तैयार रहें

-उपराष्ट्रपति ने जैसलमेर युद्ध संग्रहालय देखा और सैनिकों से भी मिले-नायडू ने सीमा सुरक्षा बल की बटालियन के सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

•

Updated: 28 Sep 2021, 6:53 PM IST

सूचना और साइबर क्षेत्र में भी अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए तैयार रहें

सूचना और साइबर क्षेत्र में भी अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए तैयार रहें

जैसलमेर. उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि देश के आसपास की भू-राजनीतिक स्थिति तेजी से अनिश्चितता में बदल रही है और हम अंदर और बाहर दोनों तरफ से प्रकट और छद्म खतरों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सशस्त्र बलों से आग्रह किया कि वे न केवल पारंपरिक युद्ध की तैयारी में अपनी बढ़त बनाए रखें बल्कि युद्ध के नए क्षेत्रों जैसे सूचना और साइबर क्षेत्र में भी अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए तैयार रहें, युद्ध क्षेत्र में रोबोटिक्स तथा ड्रोन के बढ़ते प्रयोग के लिए भी तैयारी करें। सोमवार को जैसलमेर में भारतीय सेना के अधिकारियों और जवानों से बातचीत करते हुए उपराष्ट्रपति ने शांति को विकास के लिए आवश्यक शर्त बताया और कहा कि हमारी सेनाओं पर देश की सीमाओं पर और देश के अंदर भीए शांति और स्थिरता बनाए रखने की महती जिम्मेदारी है। भारतीय सेना के शौर्य का अभिनंदन करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश की संप्रभुता को चुनौती देने वाली किसी भी ताकत को हमारी सेनाओं ने मुंह तोड़ जवाब दिया है। गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति आज कल राजस्थान की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने जैसलमेर युद्ध संग्रहालय देखाए जहां उनका स्वागत मेजर जनरल अजीत सिंह गहलोत ने किया। उपराष्ट्रपति ने थार रेगिस्तान की गर्म और कठिन परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं की सुरक्षा करने के लिए भारतीय सेना की सराहना की। उन्होंने सैनिकों से कहा कि देश आश्वस्त रहता है कि दुश्मन के किसी भी दुस्साहस का हमारी सेना द्वारा मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा। जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि धारा 370ए जो वैसे भी एक अस्थायी प्रावधान ही था, उसे समाप्त करके भारतीय संसद ने जम्मू कश्मीर की जनता और शेष भारत के बीच एक बड़ी बाधा को दूर कर दिया है। जैसलमेर यात्रा पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि यह शहर अपनी समृद्ध संस्कृति और सैन्य विरासतों के लिए प्रसिद्ध है।
सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया
सीमा पर स्थित जैसलमेर की अपनी यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति ने सीमा सुरक्षा बल की टुकड़ी के मुख्यालय पर आयोजित सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया और क्षेत्र में तैनात बीएसएफ बल के सैनिकों से बातचीत की। उन्होंने दुर्गम इलाकों में भी देश की सीमाओं की रक्षा में तत्पर बीएसएफ के सैनिकों की सराहना की। उपराष्ट्रपति के आगमन परए राजस्थान में बीएसएफ के आईजी पंकज घूमर तथा डीआइजी श्री अरूण कुमार सिंह ने उनका स्वागत किया तथा उस क्षेत्र में बीएसएफ की भूमिका के विषय में उपराष्ट्रपति को अवगत कराया। बीएसएफ के उच्च स्तर के प्रशिक्षण, अनुशासन और शानदार परंपराओं की सराहना करते हुए। उपराष्ट्रपति ने नक्सलवादी और आतंकवादी हिंसा जैसे आंतरिक सुरक्षा के खतरों की रोकथाम में बीएसएफ की सफल भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अतिवादी हिंसा पर नियंत्रण करते समयए इन तत्वों द्वारा उकसाने पर भीए आपने नियमों की सीमा में रह कर ही अपने कर्तव्यों का पालन किया है।