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जैसलमेर नगरपरिषद के नव निर्वाचित सभापति के सामने चुनौतियों का पहाड़

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने की जिम्मेदारी अब नवनिर्वाचित युवा सभापति विजय डांगरा के कंधों पर है। गुरुवार को पदभार संभालते ही उनके सामने शहर की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की बड़ी चुनौती सामने है। पारदर्शी कामकाज, आमजन की सुनवाई और मूलभूत सुविधाओं में सुधार उनके कार्यकाल की प्रमुख कसौटी रहेंगे।
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jaisalmer nagar parishad

जैसलमेर नगरपरिषद

जैसलमेर. विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने की जिम्मेदारी अब नवनिर्वाचित युवा सभापति विजय डांगरा के कंधों पर है। गुरुवार को उन्होंने नगरपरिषद के सभापति पद का विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालने के साथ ही उनके सामने शहर की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की बड़ी चुनौती खड़ी है। नगरपरिषद के कामकाज में पारदर्शिता, आमजन की सुनवाई और शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं में सुधार उनके कार्यकाल की प्रमुख कसौटी रहने वाले हैं। कृषि उत्पादों से जुड़े व्यापार के क्षेत्र में सक्रिय रहे डांगरा के लिए राजनीति और नगरपरिषद का प्रशासनिक दायित्व नया अनुभव है।

सफाई और शहर की बदहाल व्यवस्थाओं पर नजर

- जैसलमेर शहर की साफ-सफाई और सुंदरता नगर परिषद की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। मुख्य बाजारों से लेकर पर्यटन स्थलों, आवासीय कॉलोनियों और शहर के प्रवेश मार्गों तक सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाना नई परिषद के सामने अहम चुनौती होगी। कचरा निस्तारण, सडक़ों की सफाई, नालियों की नियमित सफाई और सार्वजनिक स्थानों की बेहतर देखरेख पर विशेष ध्यान देना होगा।

- पर्यटन सीजन में शहर में बढऩे वाली भीड़ के साथ सफाई व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ता है। ऐसे में नियमित मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था डांगरा के लिए महत्वपूर्ण होगी।

- जैसलमेर शहरी क्षेत्र और विशेषकर बाहरी इलाकों में कच्ची बस्तियों आदि लंबे समय से अतिक्रमण और अवैध कब्जे और बेतरतीब पार्किंग की समस्याएं लाइलाज मर्ज बनी हुई हैं। बाजारों और प्रमुख मार्गों पर अस्थायी अतिक्रमण से आवागमन प्रभावित होता है। नए सभापति के सामने चुनौती यह भी होगी कि कार्रवाई केवल अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि स्थायी व्यवस्था विकसित हो।

- शहर के पर्यटन महत्व को देखते हुए प्रमुख बाजारों, ऐतिहासिक स्थलों और व्यस्त मार्गों के आसपास बेहतर यातायात व पार्किंग व्यवस्था की जरूरत है। इसके लिए नगरपरिषद को संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए ठोस योजना पर काम करना होगा।

आमजन के काम में लानी होगी तेजी

नगरपरिषद से जुड़े जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, निर्माण अनुमति, सफाई, सडक़, नाली, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सेवाओं के लिए लोगों को अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें, यह नए सभापति के सामने एक और बड़ी अपेक्षा है। पदभार ग्रहण के मौके पर उनकी ओर से पारदर्शिता बनाने और ऑनलाइन व्यवस्था की दिशा में काम करने की बात कही गई है। राजनीति में नए होने के कारण डांगरा के कार्यकाल को लेकर शहर में उत्सुकता भी है। अब उनकी वास्तविक परीक्षा नगरपरिषद की कार्यप्रणाली को कितना सरल, जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जाता है, इस पर होगी। भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करना तथा अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना भी महत्वपूर्ण होगा।