
जैसलमेर में संसदीय समिति के सदस्यों के साथ रक्षा मंत्री।
जैसलमेर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आधुनिक युद्ध में तकनीक निर्णायक भूमिका निभा रही है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) नई परियोजनाओं पर काम कर रहा है और आधुनिक हथियारों व मिसाइल प्रणालियों का परीक्षण किया जा रहा है। जैसलमेर में रक्षा मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) और बड़ी कंपनियों को समान अवसर देने पर जोर दिया। इससे स्वदेशी तकनीक का विकास होगा, रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और देश की विदेशी निर्भरता कम होगी।
राजनाथ सिंह ने मानव संसाधन को किसी भी सेना की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाएं अपनी संगठनात्मक संरचना में लगातार सुधार कर रही हैं। सेना में 'असनी', 'भैरव' और 'शक्तिबाण' जैसी नई प्लाटून संरचनाएं आधुनिक युद्ध की जरूरतों के अनुरूप महत्वपूर्ण हैं। इन बदलावों का उद्देश्य सैन्य बलों की कार्यक्षमता और युद्ध की तैयारी को मजबूत करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सैन्य आधुनिकीकरण का अर्थ केवल नए हथियार और उपकरण खरीदना नहीं है, बल्कि सैनिकों की युद्ध क्षमता बढ़ाना, उन्हें आधुनिक तकनीक से लैस करना और देश के भीतर भरोसेमंद रक्षा क्षमताएं विकसित करना भी है।
बैठक के समापन पर रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रणनीतिक स्वायत्तता और स्वदेशी तकनीकी क्षमताएं बेहद जरूरी हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसा मजबूत रक्षा इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें भारतीय उद्योगों की भागीदारी बढ़े, आधुनिक तकनीक देश में ही विकसित हो और रक्षा जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम हो।
मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से होटल में मिलने के लिए भाजपा के स्थानीय नेता भी पहुंचे। उन्होंने राजनाथ सिंह का शॉल ओढ़ा कर अभिनंदन किया। रक्षा मंत्री से मिलने वालों में विधायक छोटूसिंह भाटी, नगरपरिषद सभापति विजय डांगरा, विक्रम सिंह नाचना, कंवराज सिंह चौहान आदि शामिल थे। वहीं संसदीय समिति की बैठक अवसर पर रक्षा मंत्री ने सभी सांसदों के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाए।
Updated on:
3 Nov 2026, 8:43 PM IST
Published on:
3 Nov 2026, 8:43 PM IST
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