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jaisalmer: पर्यटकों की बढ़ती संख्या के बीच बुनियादी सुविधाओं का विस्तार अब भी अधूरा

जैसलमेर में बढ़ते पर्यटन सीजन के साथ कारोबार में तेजी आई है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी सैलानियों के अनुभव पर असर डाल रही है। पार्किंग, यातायात और सफाई जैसी समस्याओं के कारण शहर के पर्यटन प्रबंधन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन की वास्तविक सफलता सैलानियों की संख्या से नहीं, बल्कि उन्हें मिलने वाली सहज सुविधाओं से तय होती है।
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

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Updated: 24 Oct 2026, 8:42 PM IST

jaisalmer

जैसलमेर. हनुमान चौराहा पर ओवरलोड वाहनों की मनमानी,ल व ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी में नियमों की अनदेखी से हादसों का खतरा।

जैसलमेर. स्वर्णनगरी की पहचान उसकी ऐतिहासिक विरासत, सुनहरे धोरों और समृद्ध लोक संस्कृति से है। हर पर्यटन सीजन में यहां आने वाले सैलानियों से कारोबार को गति मिलती है। होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी संचालक, गाइड, हस्तशिल्प विक्रेता और लोक कलाकारों की आजीविका भी इसी से जुड़ी है,लेकिन पर्यटन की बढ़ती रौनक के बीच बुनियादी सुविधाओं का सवाल लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है- पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन क्या शहर की व्यवस्थाएं भी उसी अनुपात में विकसित हो रही हैं? जानकारों के अनुसार पर्यटन की सफलता केवल सैलानियों की आमद से तय नहीं होती। शहर में प्रवेश से लेकर प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने, बाजारों में घूमने और सार्वजनिक सुविधाओं का इस्तेमाल करने तक पर्यटकों को सहज अनुभव मिलना भी जरूरी है। पार्किंग की कमी, यातायात का दबाव, सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं की उपलब्धता जैसे मुद्दे पर्यटन प्रबंधन की वास्तविक परीक्षा लेते हैं। यदि इन जरूरतों की अनदेखी होती है तो पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं के बावजूद शहर का अनुभव प्रभावित हो सकता है।

पर्यटन का दबाव बढ़ा, व्यवस्थाओं की क्षमता पर सवाल

पर्यटन सीजन में ऐतिहासिक सोनार दुर्ग, गड़ीसर सरोवर, प्रमुख बाजारों और अन्य आकर्षणों के आसपास आवाजाही व्यवस्थित रखना अहम है। पर्यटकों के वाहन खड़े करने के लिए पर्याप्त स्थान, स्पष्ट दिशा-संकेतक और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था जरूरी है। इन इंतजामों के अभाव में अनावश्यक परेशानी बढ़ सकती है। इसका असर स्थानीय निवासियों की आवाजाही पर भी पड़ता है।

पर्यटन सीजन हर साल आता है। ऐसे में पर्यटकों की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप सुविधाओं का आकलन और प्रबंधन पहले से होना चाहिए। केवल भीड़ बढ़ने के बाद व्यवस्था संभालने की कोशिश पर्याप्त नहीं है। संबंधित विभागों के बीच समन्वय और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण जरूरी है।

सफाई और सार्वजनिक सुविधाएं भी पर्यटन की पहचान

पर्यटन स्थलों की खूबसूरती तभी प्रभावी अनुभव में बदलती है, जब आसपास का वातावरण स्वच्छ हो और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों। सार्वजनिक शौचालय, पेयजल, बैठने की जगह और कचरा निस्तारण जैसी व्यवस्थाएं पर्यटकों की बुनियादी जरूरतें हैं। परिवारों, बुजुर्गों और बच्चों के साथ आने वाले सैलानियों के लिए इनका महत्व और बढ़ जाता है।

पर्यटन प्रबंधन में सुधार के प्रमुख क्षेत्र

-प्रमुख पर्यटन स्थलों के आसपास पार्किंग और यातायात प्रबंधन बेहतर बनाना।

-सार्वजनिक शौचालयों, पेयजल और बैठने की सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

-बाजारों और पर्यटन स्थलों पर नियमित सफाई तथा कचरा निस्तारण मजबूत करना।

-पर्यटकों की शिकायतों के समाधान और विभागीय जवाबदेही की प्रभावी व्यवस्था बनाना।

एक्सपर्ट व्यू : पर्यटक संख्या के साथ अनुभव की गुणवत्ता भी जरूरी

पर्यटन विकास को पर्यटकों की संख्या से नहीं आंकना चाहिए। सुविधाओं की उपलब्धता, स्वच्छता, आवाजाही की सुगमता और पर्यटकों का समग्र अनुभव भी इसके महत्वपूर्ण पैमाने हैं। व्यवस्थित पार्किंग, बेहतर यातायात प्रबंधन और स्वच्छ सार्वजनिक स्थलों से पर्यटकों को सुविधा मिलती है। इसका सकारात्मक प्रभाव स्थानीय कारोबार पर भी पड़ सकता है। इसलिए बुनियादी सुविधाओं के विकास को पर्यटन प्रबंधन का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

-आनंदसिंह, पर्यटन विशेषज्ञ