24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

jaisalmer: रूगेरी तालाब के दलदल में फंसे तीन गोवंश की मौत, पांच गंभीर घायल

जैसलमेर के लाठी क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट के बीच पानी की तलाश में तालाब पहुंचे गोवंश के लिए दलदल जानलेवा साबित हुआ। रूगेरी गांव के पास तालाब के दलदल में पूरी रात फंसे रहने से तीन गोवंश की मौत हो गई, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर गोभक्तों, ग्रामीणों और भादरिया गौशाला की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद बाकी गोवंश को बाहर निकाला और उपचार के लिए गौशाला पहुंचाया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जैसलमेर

•

image

Deepak Vyas

•

Updated: 24 Oct 2026, 8:50 PM IST

jaisalmer news

रूगेरी तालाब में दलदल में फंसे गोवंश को जेसीबी व गौभक्तों की मदद से बाहर निकालते हुए, वहीं सूखे पड़े पशु कुंड।

लाठी (जैसलमेर). क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट के बीच पानी की तलाश में तालाब पहुंचे गोवंश के लिए दलदल जानलेवा साबित हुआ। चांधन क्षेत्र के रूगेरी गांव के पास भोजराज सिंह की ढाणी स्थित तालाब में फंसने से तीन गोवंश की मौत हो गई, जबकि पांच गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर गोभक्तों और भादरिया गोशाला की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। करीब तीन से चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दलदल में फंसे गोवंश को बाहर निकाला गया। गौरतलब है कि शुक्रवार रात पानी पीने के लिए गोवंश का झुंड तालाब पहुंचा था। इस दौरान कई पशु दलदल में फंस गए। पूरी रात बाहर नहीं निकल पाने के कारण तीन गोवंश की मौत हो गई। शनिवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर गोरक्षक आदम खां कलर, अर्जुनसिंह राठौड़, गुल्ले खां फकीर, रेशम खां कलर और अमरदीन रूगेरी सहित भादरिया गौशाला के गोपालसिंह भाटी तथा अन्य गोभक्त मौके पर पहुंचे। चांधन के सामाजिक कार्यकर्ता लखसिंह भाटी भी जेसीबी लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। गोभक्तों और ग्रामीणों ने संयुक्त प्रयास कर दलदल में फंसे पशुओं को बाहर निकाला। इसके बाद पशु चिकित्सक को मौके पर बुलाकर घायल गोवंश का प्राथमिक उपचार करवाया गया। गंभीर रूप से घायल पांच गोवंश को भादरिया गौशाला पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार और देखभाल की जा रही है।

दो दिन पहले भी दलदल में फंसी थीं एक दर्जन से अधिक गायें

इसी तालाब में दो दिन पहले भी एक दर्जन से अधिक गायें दलदल में फंस गई थीं। उस समय ग्रामीणों ने प्रयास कर सभी गायों को बाहर निकाल लिया था। इसके बावजूद तालाब में दलदल की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। परिणामस्वरूप दोबारा हादसा हो गया। ग्रामीणों ने तालाब के आसपास तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने तथा दलदल वाले हिस्से को सुरक्षित बनाने की मांग उठाई है। ग्रामीण आदम खां ने बताया कि रूगेरी तालाब के पास एक जीएलआर, दो पशु कुंड और एक पशु खेली बनी हुई है। इसके बावजूद पिछले करीब तीन साल से यहां पेयजल आपूर्ति बंद पड़ी है। ग्रामीण कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।

पानी की कमी से पशुओं की जान पर संकट

क्षेत्र में पेयजल स्रोत सूखने और नियमित जलापूर्ति नहीं होने से गोवंश पानी की तलाश में तालाबों तक पहुंच रहा है। तालाब में पानी के आसपास मौजूद दलदल पशुओं के लिए गंभीर खतरा बन गया है। रूगेरी में लगातार सामने आ रही घटनाओं के बावजूद सुरक्षित पेयजल व्यवस्था का अभाव चिंता बढ़ा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जलदाय विभाग से रूगेरी में पेयजल आपूर्ति तत्काल बहाल करने, पशुओं के लिए सुरक्षित जल स्रोत उपलब्ध करवाने तथा तालाब के दलदली हिस्से में स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है।