
जैसलमेर. पत्रकारों से मुखातिब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत।
जैसलमेर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ओरण और गोचर की जमीनें बचाई जानी चाहिए। यह आने वाली पीढिय़ों के लिए विरासत है। सीमांत जिले के ग्रामीणों ने इस मुद्दे को लेकर जयपुर तक पदयात्रा की, यह बहुत बड़ी बात है। गहलोत ने सोमवार को पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि कम्पनियों को आवंटन करने के लिए अन्य जमीनें खूब हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्हीं के कार्यकाल में यहां पवन ऊर्जा और सोलर ऊर्जा के संयंत्रों की शुरुआत हुई थी। इसी तरह से इडब्ल्यूएस सरलीकरण के लिए शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी की तरफ से किए जा रहे आंदोलन से जुड़े सवाल के जवाब में गहलोत ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए राजस्थान में ईडब्ल्यूएस का सरलीकरण किया था, जिसका लाभ संबंधित लोगों को मिला, अन्यथा यह कागजों में ही रह जाता। रविंद्रसिंह और धर्मेंद्र राठौड़ इसी तरह के सरलीकरण की मांग केंद्र सरकार से कर रहे हैं।
गहलोत ने इस मौके पर कहा कि प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव चल रहे हैं। भाजपा ने नगरपालिकाओं और पंचायतों के परिसीमन में जो गुंडागर्दी की है, उसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। इन्होंने ऐसा बड़ा षड्यंत्र रचा है कि कोई वार्ड 250 मतदाताओं का है, तो कोई 10, 15 या 20 हजार का। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के वोटों में महज 0.94 प्रतिशत का फर्क है। जोधपुर और जयपुर में कांग्रेस करीब 15000 वोटों से आगे हैं। अगर सीधे चुनाव होते तो हम पक्का जीतते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बेईमानी करते हुए कांग्रेस की जीत वाले चार वार्डों को मिलाकर एक कर दिया और अपने फायदे वाले एक वार्ड के तीन वार्ड बना दिए। मुख्यमंत्री भले ही जोर-जोर से बोलकर जनता को समझाएं, लेकिन लोगों के ज़हन में यह बात बैठ गई है कि ये लोग बंगाल की तरह चाहते हैं कि सत्ता पक्ष भी हमारा हो और विपक्ष भी हमारा।
गहलोत ने कहा कि आज हजारों-लाखों गायें भूख-प्यास से मरणासन्न स्थिति में हैं। भाजपा के लोग गायों के नाम पर सिर्फ राजनीति करते हैं, जबकि असली गो सेवा हमने की है। इसके दो बड़े उदाहरण हैं— पूरे देश में गोशालाओं को 9 महीने तक का अनुदान देने की शुरुआत हमारी सरकार ने की। दूसरा, जब प्रदेश में लम्पी रोग आया, तो हमने प्रति गाय 40,000 का मुआवजा दिया। लम्पी रोग से गायों की मौत पर पशुपालकों को मुआवजा देने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य था। गहलोत ने हाल में पूर्व विधायक अतरसिंह भडाना की हत्या के मामले में कहा कि पूर्व विधायक की हत्या का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता के अनुरूप तत्काल कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि आइजी और एसपी को बुलाकर यह तक नहीं पूछा गया कि आखिर पूरा मामला क्या है और इस तरह की घटना कैसे हुई? पत्रकार वार्ता के अवसर पर पूर्व मंत्री शाले मोहम्मद और पूर्व विधायक रूपाराम धनदेव उपस्थित थे।
Updated on:
19 Oct 2026 08:52 pm
Published on:
19 Oct 2026 08:52 pm
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