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दी वायरस जनित रोग हैपेटाइटिस के बारे में जानकारी

-विश्व हैपेटाइटिस दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

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Updated: 29 Jul 2021, 9:00 AM IST

दी वायरस जनित रोग हैपेटाइटिस के बारे में जानकारी

दी वायरस जनित रोग हैपेटाइटिस के बारे में जानकारी


जैसलमेर. विश्व हैपेटाइटिस दिवस पर बुधवार को राज्य स्तरीय वर्चुअल सेन्सिटाइजेशन कार्यशाला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित की गई। कार्यशाला मे जिले के जिला स्तरीय चिकित्सा विभागीय अधिकारियों सहित चिकित्सा संस्थानों के चिकित्साधिकारियों, विभागीय कार्मिकों, आशा एवं एएनएम ने भी भाग लिया। विश्व हैपेटाइटिस दिवस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलेश चौधरी ने वायरस जनित रोग हैपेटाइटिस के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि हैपेटाइटिस रोग ए,बी,सी,डी व ई प्रकार का होता है। हैपेटाइटिस बी एवं सी गंभीर रोग है। जो संक्रमित ब्लड ट्रॉन्सफ्यूजन व संक्रमित सुई के उपयोग से मुख्य रूप से फैलता है। हेपेटाईटिस बी की जटिलता के कारण प्रतिवर्ष दुनिया में बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है। इससे स्पष्ट है कि हेपेटाईटिस बी खतरनाक है। इससे संक्रमित व्यक्ति अनजाने में दूसरों को संक्रमित कर देता है। डॉ. चौधरी ने बताया कि हैपेटाइटिस ए व हैपेटाइटिस ई जलजनित बीमारी है। हैपेटाइटिस ए मुख्य रूप से बच्चों में फैलता है। इसमें बुखार, पेटदर्द, पीलिया व उल्टी होने की संभावना रहती है। यह रोग वर्षा ऋतु में दूषित खान पान के कारण होता है। अत: हेपेटाईटिस से बचाव के लिए हेपेटाइटिस का टीका अवश्य लगवाना चाहिए। राजकीय चिकित्सा संस्थानों में हैपेटाइटिस का टीका नि:शुल्क लगाया जाता है।