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‘स्थापना दिवस के 75 वें वर्ष को हीरक जयंती के रूम में मनाएगा क्षत्रिय युवक संघ

-एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
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जैसलमेर

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Deepak Vyas

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Updated: 28 Jun 2021, 12:33 PM IST

'स्थापना दिवस के 75 वें वर्ष को हीरक जयंती के रूम में मनाएगा क्षत्रिय युवक संघ

'स्थापना दिवस के 75 वें वर्ष को हीरक जयंती के रूम में मनाएगा क्षत्रिय युवक संघ


जैसलमेर. क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन (एसकेपीएफ) के कार्य विस्तार कार्यक्रम के तहत बसिया क्षेत्र की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जोगीदास गांव में किया गया। प्रारंभ में तारेंद्रसिंह झिनझिनयाली ने क्षत्रिय युवक संघ के संस्थापक तनसिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का आगाज किया। फाउंडेशन के केन्द्रीय कार्यकारिणी सदस्य महेंद्रसिंह तारातरा ने बताया कि क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि आज समाज में युवाओं के दिल में व्यवस्था को लेकर जो नकारात्मक भाव है, उसे दूर कर समाज में सकारात्मक क्रियाशीलता को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य है। संविधान में जो बातें लिखी गई है, वो हमारे पूर्वजों के हमेशा से आदर्श वाक्य रहे है। सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न राज्य के लिए हम सदियों से लड़ते आए हैं। धर्मनिरपेक्षता की बात करें तो इतिहास में हमने धर्म के आधार पर कभी भेदभाव नहीं किया। हर जाति-वर्ग को समान भाव से देखा। इसी प्रकार संविधान के जो मूल तत्व है वो हमारे इतिहास व वर्तमान के अनुकूल है, इसलिए संविधान के प्रति हमारे मन में आदर भाव होना चाहिए। इस दौरान अवगत कराया गया कि अपने स्थापना दिवस के 75 वे वर्ष को क्षत्रिय युवक संघ इस वर्ष को हीरक जयंती वर्ष के रूप में मना रहा है और इस उपलक्ष्य में वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रम होंगे, जिसमे सभी को अधिकतम भागीदारी निभाने का आग्रह किया। द्विवार्षिक प्रतिवेदन नरेशपालसिंह तेजमालता ने पेश किया। कार्यक्रम का संचालन तारेन्द्रसिंह झिनझिनयाली ने किया। कार्यक्रम में हीरेन्द्रसिंह दुधवा, रणवीरसिंह खुहड़ी, स्वरूपसिंह कुंडा, दातारसिंह देवड़ा, गोपालसिंह कुंडा, कीर्तिपालसिंह झिनझिनयाली, पृथ्वीसिंह मोढ़ा, भूरसिंह मोढ़ा, मनोहरसिंह तेजमालता, मेघराजसिंह, किशनसिंह, मनोहरसिंह झिनझिनयाली, श्रवणसिंह तेजमालता, शेरसिंह जोगीदास का गांव, सुरेंद्रसिंह तेजमालता, अर्जुनसिंह नगराजा, वेनसिंह तेजमालता, गणपतसिंह तेजमालता, मालमसिंह रणधा, मुल्तानसिंह जोगीदास का गांव, जसवंतसिंह तेजमालता, देवेंद्रसिंह तेजमालता, उगमसिंह कोटड़ा, जवानसिंह मोढ़ा, गंभीरसिंह मोढ़ा, गणेश्वरसिंह तेजमालता आदि उपस्थित रहे।